नई दिल्ली - नई दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पदभार संभालने के बाद एन.एस. राजा सुब्रमणि ने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान की बात है और देश द्वारा सशस्त्र बलों पर जताए गए विश्वास के लिए वे आभारी हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, रक्षा मंत्रालय और सभी रणनीतिक संस्थान "पूरे राष्ट्र के दृष्टिकोण" के तहत भारत की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं।
तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है
जनरल सुब्रमणि ने प्रधानमंत्री मोदी के "JAI" विजन—जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन—को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। एन.एस. राजा सुब्रमणि ने कहा कि सशस्त्र बलों में संयुक्तता, तालमेल और बेहतर एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए संगठनात्मक सुधारों और परिवर्तन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनका मानना है कि आधुनिक युद्ध और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है।
घरेलू उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा
सीडीएस ने आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्रीय स्तंभ बताते हुए कहा कि भारत को रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम कर स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बलों में स्वदेशी हथियारों, रक्षा प्रणालियों और तकनीकों के विकास, उत्पादन तथा एकीकरण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। इससे न केवल देश की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में नवाचार और घरेलू उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सेना और रक्षा संस्थान मिलकर देश को मजबूत करेगी
उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य केवल हथियार निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता और दीर्घकालिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। जनरल सुब्रमणि ने भरोसा जताया कि सेना और रक्षा संस्थान मिलकर देश को एक मजबूत, आधुनिक और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे। उनके बयान को भारत की रक्षा तैयारियों और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को नई गति देने वाले महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।