आकाशीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए आज की रात बेहद खास रहने वाली है। रविवार की रात वर्ष 2026 का सबसे छोटा पूर्ण चंद्रमा दिखाई देगा, जिसे ‘ब्लू माइक्रोमून’ कहा जाता है। यह एक दुर्लभ खगोलीय संयोग है, क्योंकि इस दौरान ब्लू मून और माइक्रोमून दोनों घटनाएं एक साथ देखने को मिलेंगी।
क्या होता है ब्लू मून?
ब्लू मून का मतलब चंद्रमा का नीले रंग का होना नहीं है। जब किसी एक अंग्रेजी कैलेंडर माह में दो पूर्णिमाएं पड़ती हैं, तो दूसरी पूर्णिमा के चंद्रमा को ब्लू मून कहा जाता है। इस वर्ष मई में पहली पूर्णिमा पहले ही हो चुकी है, जबकि दूसरी पूर्णिमा रविवार को दिखाई देगी।
पृथ्वी से सबसे दूर रहेगा चंद्रमा
इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 4 लाख 6 हजार किलोमीटर दूर अपने सबसे दूरस्थ बिंदु के करीब रहेगा। अधिक दूरी के कारण यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में लगभग 5 से 7 प्रतिशत छोटा और करीब 10 प्रतिशत कम चमकीला दिखाई देगा, इसी वजह से इसे माइक्रोमून कहा जाता है।
पूरी रात बिना उपकरण देखा जा सकेगा दृश्य
आज रात चंद्रमा वृश्चिक राशि के सबसे चमकीले तारे एंटारेस के पास दिखाई देगा, जिससे यह दृश्य और भी आकर्षक बन जाएगा। यह खगोलीय नजारा पूरी रात खुली आंखों से देखा जा सकेगा और इसके लिए किसी दूरबीन की आवश्यकता नहीं होगी। अगला ब्लू मून 20 मई 2027 को दिखाई देगा, जबकि 31 दिसंबर 2028 को पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ ब्लू मून का एक और दुर्लभ संयोग देखने को मिलेगा।