नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में देश के एथलीटों की उपलब्धियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने हाल ही में झारखंड के रांची में आयोजित नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता का विशेष उल्लेख किया।
रांची प्रतियोगिता में टूटे कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड
पीएम मोदी ने कहा कि रांची में आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में देशभर से करीब 800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता के दौरान चार अलग-अलग स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे। उन्होंने गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए बधाई दी।
100 मीटर दौड़ की देशभर में चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में 100 मीटर दौड़ सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रही है। उन्होंने बताया कि महज दो दिनों के भीतर पुरुष वर्ग की 100 मीटर रेस का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा। इस उपलब्धि का श्रेय गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को जाता है, जिन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन कर नया इतिहास रचा।
चुनौती और प्रतिस्पर्धा की 'जुगलबंदी'
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक बताते हुए कहा कि पहले जुगलबंदी संगीत में देखने को मिलती थी, लेकिन अब खेलों में भी चुनौती और प्रदर्शन की जुगलबंदी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी रिकॉर्ड बनाता है तो दूसरा उसे तोड़ने की चुनौती स्वीकार करता है, जिससे खेलों का स्तर लगातार ऊंचा होता है।
अनिमेष कुजूर ने साझा किया अपना सफर
कार्यक्रम में एथलीट अनिमेष कुजूर भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि वह 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं। छत्तीसगढ़ से आने वाले अनिमेष वर्तमान में ओडिशा का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि 2021 में स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एथलेटिक्स की शुरुआत की थी। अनिमेष ने एशियाई प्रतियोगिताओं और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में पदक जीतने का भी उल्लेख किया।
युवाओं को खेलों से जुड़ने का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के युवा खेलों में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और यह भारत के उज्ज्वल खेल भविष्य का संकेत है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए युवाओं से खेलों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की अपील की।