कोलकाता - कोलकाता में पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
यह जनता के भीतर का यह रोष है
भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता दिलीप घोष ने अपने बयान में आगे कहा कि, पिछले कई वर्षों से जनता विभिन्न समस्याओं और परेशानियों का सामना कर रही है, जिसके कारण लोगों में नाराजगी और आक्रोश बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जनता के भीतर का यह रोष किसी न किसी रूप में सामने आना स्वाभाविक है। साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी को चुनावी नतीजों के बाद राजनीतिक परिस्थितियों को समझने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें ऐसे कदमों से बचना चाहिए था, जिनसे विवाद की स्थिति पैदा हो।
नेताओं को जनता की भावनाओं को समझना चाहिए
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने यह भी कहा कि जनता राजनीतिक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखती है और अपनी प्रतिक्रिया देने का अवसर तलाशती रहती है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई नेता भारी सुरक्षा और बड़े काफिले के साथ जनता के बीच जाता है, तो उसे वहां की परिस्थितियों और लोगों की भावनाओं को भी समझना चाहिए।
हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता दिलीप घोष ने स्पष्ट रूप से कहा कि हिंसा या हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उनके बयान को पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और हालिया चुनावी घटनाक्रमों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।