उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने चारधाम यात्रा की रफ्तार थाम दी है। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया है। रुद्रप्रयाग जिले में देर रात से जारी बारिश के बीच भूस्खलन और रास्ते बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देश पर केदारनाथ पैदल मार्ग पर आगे बढ़ रहे सभी यात्रियों को निकटतम होल्डिंग क्षेत्रों और सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित घोषित होने तक किसी भी श्रद्धालु को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। सभी सेक्टर अधिकारियों, पुलिस टीमों और संबंधित विभागों को यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
भूस्खलन और तेज बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने जिले में भारी वर्षा, तेज आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की आशंका जताई है। इसी को देखते हुए पुलिस और आपदा राहत एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपदा, सड़क अवरोध या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत जिला आपातकालीन संचालन केंद्र या डायल-112 पर दें।
चारधाम यात्रा मार्गों पर भी बारिश का असर
रविवार को चारधाम क्षेत्र समेत गढ़वाल मंडल के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। मसूरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, श्रीनगर गढ़वाल, कोटद्वार और नई टिहरी में मौसम खराब बना रहा, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा राज्य के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी:
40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
कई इलाकों में तीव्र से अति तीव्र बारिश हो सकती है।
यात्रियों से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और मौसम सामान्य होने तक अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।