कोलकाता: सोनारपुर में तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शामिक भट्टाचार्य ने साफ कहा है कि इस घटना में भाजपा का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल शासन के दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कई बार हमले हुए हैं, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता।
जेपी नड्डा के काफिले पर हुआ था हमला
दस दिसंबर २०२० को तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर डायमंड हार्बर में हमला हुआ था। एक सभा में जाते समय उनके काफिले पर ईंटें फेंकी गई थीं। इस घटना में कई वाहनों के शीशे टूट गए थे। भाजपा ने आरोप लगाया था कि हमले में पार्टी नेताओं और सुरक्षाकर्मियों को भी चोटें आई थीं।
दिलीप घोष के साथ कथित धक्का-मुक्की
पांच अक्टूबर २०१७ को दार्जिलिंग में भाजपा की एक बैठक के दौरान हंगामे की घटना सामने आई थी। तत्कालीन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंचे थे। भाजपा का आरोप था कि वहां उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और उनके सहयोगियों को सड़क पर गिराकर पीटा गया।
कूच बिहार में शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला
पांच अगस्त २०२५ को कूच बिहार में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला हुआ था। उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई थी और काफिले में शामिल एक पुलिस वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया था। शुभेंदु अधिकारी ने उस समय आरोप लगाया था कि यह हमला उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा था।
पुरुलिया में भी निशाने पर रहे शुभेंदु
इसी वर्ष दस जनवरी को पुरुलिया में एक जनसभा से लौटते समय शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित हमला हुआ था। आरोप था कि हमलावरों ने लाठियों और बांस के डंडों का इस्तेमाल किया। घटना के विरोध में उन्होंने पुलिस चौकी के सामने धरना भी दिया था।
सांसद खागेन मुर्मू पर हमला
पांच अक्टूबर २०२५ को जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में सांसद खागेन मुर्मू पर हमला हुआ था। बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे सांसद को उग्र भीड़ ने घेर लिया था। इस घटना में उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। उनके साथ मौजूद विधायक शंकर घोष भी हमले का शिकार हुए थे।
सीपीएम विधायक धीरेन लेट भी हुए थे हमले का शिकार
बाईस नवंबर २०१५ को बीरभूम जिले में सीपीएम के वरिष्ठ नेता और चार बार के विधायक रहे धीरेन लेट पर कथित हमला हुआ था। आरोप था कि एक जुलूस के दौरान उन्हें बांस के डंडों से पीटा गया और गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
विपक्ष ने उठाए सवाल
अभिषेक बनर्जी पर हुए ताजा हमले के बाद भाजपा अब राज्य में विपक्षी नेताओं पर हुए पुराने हमलों का मुद्दा उठा रही है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और इस मुद्दे पर बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।