कोलकाता डेस्क: घर की बालकनी, छत या गार्डन में पौधे लगाने का शौक है, तो उनकी अच्छी ग्रोथ के लिए अब हर बार बाजार से खाद खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपकी रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाला प्याज भी पौधों की देखभाल में काम आ सकता है। दरअसल, प्याज के छिलकों को फेंकने के बजाय उनसे घर पर लिक्विड तैयार किया जा सकता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट चेतना भल्ला ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस घरेलू तरीके को साझा किया है। उन्होंने बताया है कि छिलकों को कितने समय तक पानी में रखना चाहिए और तैयार घोल को अलग-अलग पौधों में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल करते समय सही मात्रा और सावधानियों का ध्यान रखना जरूरी है।
1. प्याज के छिलकों से लिक्विड खाद बनाने के लिए क्या चाहिए?
प्याज के छिलकों से लिक्विड तैयार करने के लिए आपको ज्यादा सामान जुटाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए घर में मौजूद प्याज के सूखे छिलके, साफ पानी और एक साफ कंटेनर पर्याप्त हैं। सबसे पहले छिलकों को इकट्ठा कर लें और उनमें मौजूद गंदगी या खराब हिस्सों को हटा दें। इसके बाद एक ऐसा बर्तन चुनें, जिसमें छिलकों को पानी में अच्छी तरह डुबोकर रखा जा सके। ध्यान रखें कि कंटेनर साफ हो, ताकि घोल में अनचाही गंदगी न मिले। इस तरीके की खास बात यह है कि रसोई के जैविक कचरे का दोबारा उपयोग किया जा सकता है। इससे छिलकों को सीधे फेंकने के बजाय गार्डनिंग में इस्तेमाल करने का एक आसान विकल्प मिलता है।
2. घर पर प्याज के छिलकों से लिक्विड खाद कैसे बनाएं?
सबसे पहले एक साफ कंटेनर में प्याज के छिलके डालें और उनके ऊपर इतना पानी डालें कि वे पूरी तरह डूब जाएं। अब बर्तन को ढककर ऐसी जगह रख दें, जहां सीधी धूप न आती हो। इस दौरान कंटेनर को फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं है। एक्सपर्ट के बताए तरीके के अनुसार, ढक्कन को रोजाना एक बार खोलकर दोबारा बंद करना चाहिए, ताकि अंदर बनने वाली गैस बाहर निकल सके। छिलकों को पानी में रखने की अवधि के आधार पर घोल को अलग-अलग तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इसे लंबे समय तक यूं ही छोड़ना सही नहीं है। अगर घोल से तेज सड़ी हुई गंध आने लगे या उसमें फफूंद दिखाई दे, तो उसका इस्तेमाल करने से बचें।
3. 24 घंटे में तैयार घोल का इस्तेमाल कैसे करें?
अगर आप जल्दी लिक्विड तैयार करना चाहते हैं, तो प्याज के छिलकों को 24 घंटे तक पानी में भिगोकर रख सकते हैं। इसके बाद पानी को छान लें और उसमें बराबर मात्रा में साफ पानी मिला दें। यानी एक हिस्सा तैयार घोल में एक हिस्सा सादा पानी मिलाना होगा। इस तरह तैयार मिश्रण को छोटी पौध और नई कटिंग में इस्तेमाल किया जा सकता है। नई पौध की जड़ें नाजुक होती हैं, इसलिए पहली बार बहुत कम मात्रा में ही घोल डालें। इसके बाद पौधे की पत्तियों और मिट्टी की स्थिति पर नजर रखें। ध्यान रहे कि यह घरेलू मिश्रण पौधों की वृद्धि की गारंटी नहीं देता, इसलिए इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।
4. चार दिन पुराने प्याज के पानी को कैसे इस्तेमाल करें?
प्याज के छिलकों को चार दिन तक पानी में रखने के बाद भी लिक्विड तैयार किया जा सकता है। इस घोल को छानने के बाद उसमें तीन गुना साफ पानी मिलाना है। उदाहरण के लिए, अगर आपके पास एक कप तैयार लिक्विड है, तो उसमें तीन कप साफ पानी मिलाएं। इस तरह तैयार मिश्रण का इस्तेमाल घर के अंदर रखे पौधों और गमलों में लगे दूसरे पौधों के लिए किया जा सकता है। इनडोर प्लांट्स में पानी और पोषक तत्वों की जरूरत उनकी प्रजाति, गमले के आकार और मिट्टी की स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए हर पौधे में एक जैसी मात्रा डालने से बचें। खासकर छोटे गमलों में घोल का इस्तेमाल कम मात्रा से शुरू करना बेहतर रहेगा।
5. सात दिन तक भिगोए गए प्याज के छिलकों का क्या करें?
गार्डनिंग एक्सपर्ट के बताए तरीके के मुताबिक, प्याज के छिलकों को सात दिन तक पानी में रखकर भी लिक्विड तैयार किया जा सकता है। सात दिन पूरे होने के बाद पानी को छान लें और छिलकों को अलग कर दें। अब एक हिस्सा तैयार लिक्विड लेकर उसमें बराबर मात्रा में साफ पानी मिला दें। उदाहरण के तौर पर, एक लीटर घोल में एक लीटर साफ पानी मिलाया जा सकता है। इस मिश्रण का इस्तेमाल फूलों, सब्जियों और फलदार पौधों में किया जा सकता है। हालांकि, सात दिन से ज्यादा समय तक छिलकों को पानी में भिगोकर रखने से बचें। अगर घोल में तेज दुर्गंध, फफूंद या सड़न के संकेत दिखें, तो उसे पौधों में न डालें।
6. प्याज के छिलकों में कौन-से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
प्याज के छिलकों में पोटैशियम, फॉस्फोरस और सल्फर जैसे तत्व मौजूद हो सकते हैं। छिलकों को पानी में भिगोने पर इनमें से कुछ घुलनशील पदार्थ पानी में आ सकते हैं। यही वजह है कि गार्डनिंग में प्याज के छिलकों से बने घोल को घरेलू विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इस लिक्विड में वास्तव में कितने पोषक तत्व मौजूद हैं, इसकी मात्रा तय नहीं होती। यह छिलकों की गुणवत्ता, पानी और घोल तैयार करने की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए इसे पौधों के लिए संपूर्ण खाद या बाजार में मिलने वाली संतुलित खाद का विकल्प नहीं मानना चाहिए। पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए अच्छी मिट्टी, पर्याप्त रोशनी, सही सिंचाई और जरूरत के अनुसार पोषण भी जरूरी है।
7. किन पौधों में इस्तेमाल कर सकते हैं प्याज के छिलकों का लिक्विड?
प्याज के छिलकों से तैयार घोल का इस्तेमाल कई तरह के घरेलू और सजावटी पौधों में किया जा सकता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट चेतना भल्ला के अनुसार, इसमें मनी प्लांट, मॉन्स्टेरा, स्नेक प्लांट और जीजी प्लांट जैसे इनडोर पौधे शामिल हैं। इसके अलावा गुलाब, गुड़हल और बोगनवेलिया जैसे फूलों वाले पौधों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। मौसमी फूलों, सब्जियों, फलदार पौधों और हर्ब्स में भी इसे आजमाया जा सकता है। लेकिन सभी पौधों की जरूरत एक जैसी नहीं होती और कुछ पौधे अधिक नमी या पोषण के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसलिए पहले थोड़ी मात्रा में घोल डालकर पौधे की प्रतिक्रिया देखें। अगर पत्तियों में पीलापन, मुरझाने या जड़ों से जुड़ी परेशानी के संकेत दिखाई दें, तो इसका इस्तेमाल रोक दें।
8. आराम की अवस्था में मौजूद पौधों में न डालें खाद
पौधों की वृद्धि पूरे साल एक जैसी नहीं रहती। मौसम बदलने के साथ कई पौधों की ग्रोथ धीमी हो जाती है और वे कुछ समय के लिए आराम की अवस्था में चले जाते हैं। ऐसे समय में उन्हें अतिरिक्त खाद देने की जरूरत कम हो सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार, सर्दियों में गुड़हल और बोगनवेलिया जैसे पौधों की वृद्धि रुकने लगे या उनकी पत्तियां झड़ने लगें, तो प्याज के छिलकों से बने घोल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। हालांकि, पत्तियां झड़ने के पीछे दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए पौधे की स्थिति को समझना जरूरी है। इस दौरान जरूरत से ज्यादा पानी या खाद देने से बचें। पौधे की प्रजाति और मौसम के अनुसार उसकी देखभाल करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
9. कितने दिनों के अंतराल पर डालें प्याज के छिलकों का लिक्विड?
इस घरेलू घोल का इस्तेमाल कितनी बार करना चाहिए, यह पौधे की किस्म और उसकी ग्रोथ पर निर्भर करता है। चेतना भल्ला के बताए तरीके के अनुसार, इनडोर पौधों में इसका इस्तेमाल दो महीने में एक बार किया जा सकता है। वहीं, बाहर रखे पौधों में महीने में एक बार इसका उपयोग करने की सलाह दी गई है। अच्छी ग्रोथ और फूल या फल आने के समय कुछ पौधों के लिए 15 दिन का अंतराल भी बताया गया है, लेकिन इसे सभी पौधों पर लागू नहीं करना चाहिए। खास बात यह है कि एक ही समय पर कई तरह की लिक्विड खाद डालने से बचें। जरूरत से ज्यादा पोषण पौधों की जड़ों और सामान्य वृद्धि पर नकारात्मक असर डाल सकता है। पौधे की प्रतिक्रिया देखकर ही अगली बार घोल डालने का फैसला करें।
10. प्याज के छिलकों की खाद डालते समय किन बातों का रखें ध्यान?
पौधों में किसी भी तरह का घरेलू घोल इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। सबसे पहले, इसे सुबह या शाम के समय डालें और तेज धूप में इस्तेमाल करने से बचें। मिट्टी न तो पूरी तरह सूखी होनी चाहिए और न ही जरूरत से ज्यादा गीली। पहली बार घोल डालते समय कम मात्रा से शुरुआत करें, ताकि पौधे की प्रतिक्रिया समझी जा सके। कंटेनर में घोल तैयार करते समय साफ पानी का इस्तेमाल करें और उसे निर्धारित अवधि से ज्यादा समय तक न रखें। अगर घोल में सड़न या फफूंद के संकेत हों, तो उसका इस्तेमाल न करें। साथ ही, पौधों की नियमित देखभाल के लिए केवल इस घरेलू मिश्रण पर निर्भर न रहें। सही सिंचाई, पर्याप्त धूप, अच्छी मिट्टी और जरूरत के अनुसार संतुलित खाद देना भी जरूरी है।
प्याज के छिलकों से लिक्विड खाद बनाना क्यों है उपयोगी?
रसोई में निकलने वाले प्याज के छिलकों को फेंकने के बजाय गार्डनिंग में इस्तेमाल करना जैविक कचरे के दोबारा उपयोग का एक आसान तरीका है। इससे घर पर कम सामान में एक साधारण लिक्विड तैयार किया जा सकता है। हालांकि, इसकी पोषक क्षमता निश्चित नहीं होती और यह हर पौधे पर एक जैसा असर नहीं दिखाता। इसलिए इसे पौधों की नियमित देखभाल के एक अतिरिक्त उपाय के रूप में ही अपनाएं। सही मात्रा, उचित अंतराल और पौधे की जरूरतों को ध्यान में रखकर इसका इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।