आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग घंटों स्क्रीन के सामने बिताते हैं। लेकिन इसका सीधा असर आंखों की सेहत पर पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन, जलन और धुंधलापन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
डिजिटल आई स्ट्रेन का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक मोबाइल देखने से "डिजिटल आई स्ट्रेन" या "कंप्यूटर विजन सिंड्रोम" की समस्या हो सकती है। इसके लक्षणों में सिरदर्द, आंखों में दर्द, लालिमा और फोकस करने में कठिनाई शामिल हैं। खासकर बच्चों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है।
बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
ऑनलाइन पढ़ाई और गेमिंग के कारण बच्चों का स्क्रीन टाइम कई गुना बढ़ गया है। इससे उनकी आंखों की रोशनी पर असर पड़ रहा है। डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करें और उन्हें नियमित ब्रेक लेने के लिए प्रेरित करें।
बचाव के आसान उपाय
आंखों को सुरक्षित रखने के लिए 20-20-20 नियम अपनाना बेहद जरूरी है। यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इसके अलावा, स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें, आंखों को बार-बार झपकाएं और पर्याप्त नींद लें।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
अगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन या पानी आना जैसी समस्या बनी रहती है, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज न मिलने पर समस्या गंभीर हो सकती है।