नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पार्टी के प्रदर्शन को जनसमर्थन और लोकतंत्र की मजबूती का संकेत बताया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने अपने वोट के जरिए अपनी पसंद की सरकार चुनी है, जो लोकतंत्र की असली ताकत है।
“जनता का भरोसा जिम्मेदारी बढ़ाता है”
पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा के प्रदर्शन पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इसे उपलब्धि नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जनता बार-बार भरोसा जताती है, तो पार्टी की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में 22 से अधिक राज्यों में एनडीए और भाजपा की सरकारें हैं और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरे कार्यकाल में देश की सेवा की जा रही है।
ममता बनर्जी के बयान पर निशाना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह हताशा और हार की भाषा है। उन्होंने सलाह दी कि लोकतांत्रिक परंपरा के तहत हार को शालीनता से स्वीकार करना चाहिए।
“ऐतिहासिक दिन, पूरे देश में खिला कमल”
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने इसे भाजपा के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कही बात आज सच साबित हो रही है—“कमल खिलेगा।” उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने जा रही है और यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जीत है।
“15 साल की नाराजगी का परिणाम”
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत अचानक नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में लोगों ने राज्य में बढ़ते निरंकुश रवैये को देखा है, जिससे महिलाओं और युवाओं में आक्रोश था। उनके मुताबिक, जनता ने विकास और बदलाव के लिए भाजपा को समर्थन दिया है।
जनादेश को बताया लोकतंत्र की जीत
भाजपा नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यह जनादेश लोकतंत्र, विकास और मजबूत नेतृत्व में जनता के विश्वास का प्रतीक है।