नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है—राज्य की कमान किसके हाथ में जाएगी? भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव मैदान में उतरकर रणनीतिक दांव खेला था, लेकिन अब परिणामों के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी आ गई है।
केंद्रीय नेतृत्व की नजर बंगाल पर
सूत्रों के मुताबिक, BJP का केंद्रीय नेतृत्व आज इस अहम फैसले को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है और वे दिल्ली में कैबिनेट बैठक के बाद कोलकाता के लिए रवाना हो सकते हैं। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह का भी कोलकाता दौरा प्रस्तावित है। बताया जा रहा है कि विधायकों के साथ संसदीय दल की बैठक में नाम तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक भी हो सकती है।
CM पद के लिए ये नाम चर्चा में
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई बड़े चेहरे शामिल हैं। सबसे ज्यादा चर्चा में शुभेंदु अधिकारी का नाम है, जिन्होंने इस चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी अहम सीटों से जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी कड़ी टक्कर देते हुए हराया है। इसके अलावा, दिलीप घोष, स्वपन दासगुप्ता और शामिक भट्टाचार्य के नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में शामिल हैं।
रणनीति और संतुलन पर जोर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि BJP नेतृत्व इस बार ऐसे चेहरे को आगे ला सकता है जो संगठन, क्षेत्रीय संतुलन और अनुभव के लिहाज से फिट बैठे। खासतौर पर “स्थानीय चेहरा” देने के वादे को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जा सकता है।
क्या आज खत्म होगा इंतजार?
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आज BJP अपने मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान कर देगी या फिर सस्पेंस कुछ और दिनों तक बरकरार रहेगा।