मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर परिसर में शुक्रवार तड़के उस समय सनसनी फैल गई, जब अंडरपास निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से प्राचीन शिवलिंग निकल आया। यह घटना सुबह करीब चार बजे हुई, जब पोकलेन मशीन के जरिए खुदाई का कार्य किया जा रहा था। मशीन का पंजा अचानक किसी ठोस संरचना से टकराया, जिसके बाद खुदाई रोककर सावधानी से निरीक्षण किया गया। देखते ही देखते वहां मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हलचल मच गई।
महाकाल मंदिर के चौथे द्वार के पास चल रहा था निर्माण कार्य
जानकारी के अनुसार महाकाल मंदिर के चार नंबर द्वार के समीप पिछले लगभग एक महीने से अंडरपास निर्माण के लिए खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान जमीन के भीतर से शिवलिंग के साथ दो अन्य पत्थर भी मिले हैं, जिन पर शिव परिवार जैसी आकृतियां दिखाई दे रही हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह अवशेष अत्यंत प्राचीन हो सकते हैं और संभवतः किसी पुराने मंदिर संरचना का हिस्सा हैं।
अधिकारियों और पुजारियों ने पहुंचकर कराई पूजा
घटना की जानकारी मिलते ही इंजीनियर सतीश राजपूत ने तत्काल मंदिर प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही मंदिर के अधिकारी, पुजारी और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। शिवलिंग मिलने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना की गई और तत्काल प्रभाव से खुदाई का कार्य रोक दिया गया। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घेराबंदी में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुरातत्व विभाग करेगा ऐतिहासिक जांच
मंदिर प्रशासन ने अब इस पूरे मामले को पुरातत्व विभाग के सुपुर्द कर दिया है। विभागीय विशेषज्ञ शिवलिंग और पत्थर की आकृतियों की ऐतिहासिकता, निर्माण शैली और काल निर्धारण की जांच करेंगे। प्रारंभिक तौर पर इसे करीब एक हजार वर्ष पुराना माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीचे किसी प्राचीन मंदिर के अवशेष मौजूद हैं, तो यह खोज धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
जमीन के भीतर प्राचीन मंदिर होने की संभावना
मौके पर मौजूद इंजीनियरों के अनुसार मशीन का पंजा किसी ठोस संरचना से टकराने के बाद जब मिट्टी हटाई गई, तब शिवलिंग स्पष्ट दिखाई दिया। इसके आसपास मिले अन्य पत्थरों ने इस संभावना को और बल दिया है कि जमीन के भीतर किसी पुराने मंदिर का हिस्सा दबा हो सकता है। प्रशासन अब अत्यंत सावधानी के साथ आगे की खुदाई और परीक्षण की योजना बना रहा है ताकि किसी भी ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान न पहुंचे।
श्रद्धालुओं में बढ़ी आस्था और उत्सुकता
महाकाल परिसर में शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह और जिज्ञासा दोनों देखने को मिल रही है। कई श्रद्धालु इसे दिव्य संकेत और आस्था से जोड़कर देख रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग स्थल के आसपास पहुंचने लगे, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई। प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।
प्राचीनकाल से धार्मिक केंद्र रहा है यह क्षेत्र
महाकाल मंदिर के समीप रहने वाले ज्योतिषाचार्य अक्षत व्यास ने बताया कि उज्जैन का यह क्षेत्र प्राचीनकाल से धार्मिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इतिहास में भी यहां अनेक मंदिरों और आध्यात्मिक स्थलों का उल्लेख मिलता है। ऐसे में जमीन के भीतर प्राचीन अवशेष मिलना कोई असामान्य बात नहीं मानी जा रही। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली जांच रिपोर्ट इस क्षेत्र के इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण रहस्यों से पर्दा उठा सकती है।