भोपाल: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कहा कि राज्य सरकार UCC को संविधान की भावना के अनुरूप लागू करेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इसका उद्देश्य भेदभावपूर्ण प्रथाओं को खत्म करना और समाज में समानता व सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।
21 जुलाई को विधानसभा में पारित हुआ UCC बिल
मध्य प्रदेश विधानसभा ने 21 जुलाई 2026 को भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड, 2026 विधेयक को बहुमत से पारित किया था। कांग्रेस विधायकों ने बिल को चयन समिति के पास भेजने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया। अब बिल को राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू किया जा सकेगा।
एक से ज्यादा शादी पर लगेगी रोक
UCC के प्रमुख प्रावधानों में बहुविवाह पर रोक शामिल है। यानी कानून लागू होने के बाद एक से अधिक विवाह को वैधता नहीं मिलेगी। इसके अलावा तलाक को कानूनी प्रक्रिया के तहत करने का प्रावधान रखा गया है। बिल में पुरुषों और महिलाओं को विरासत में समान अधिकार देने की भी व्यवस्था की गई है।
लिव-इन रिलेशनशिप का भी होगा रजिस्ट्रेशन
मध्य प्रदेश के प्रस्तावित कानून में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर अपने संबंध का पंजीकरण कराना होगा। विवाह का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य किया गया है और इसकी व्यवस्था गांव स्तर तक लागू करने का प्रावधान है।
शादी, तलाक और विरासत के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था
UCC के तहत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे नागरिक मामलों को एक समान कानूनी ढांचे के तहत लाने की कोशिश की गई है। सरकार का कहना है कि इससे नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़ी असमानताओं को कम किया जा सकेगा।
आदिवासी समुदाय UCC के दायरे से बाहर
मध्य प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जनजातियों (ST) को UCC के दायरे से बाहर रखा है। इसके पीछे आदिवासी समुदायों की पारंपरिक व्यवस्थाओं, रीति-रिवाजों और संवैधानिक संरक्षण को ध्यान में रखना बताया गया है। संविधान के तहत संरक्षित संबंधित आदिवासी समुदायों पर इस कानून के प्रावधान लागू नहीं होंगे।
महिलाओं के अधिकारों पर भी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने UCC को महिलाओं के अधिकारों से जोड़ते हुए कहा है कि इससे महिलाओं को अन्यायपूर्ण प्रथाओं से राहत मिलेगी और उनके अधिकारों की रक्षा मजबूत होगी। कानून में संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता का प्रावधान भी शामिल है।
सरकार ने संविधान की भावना को बताया आधार
स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि UCC को संविधान की मूल भावना के अनुरूप लागू किया जाएगा। उनका दावा है कि समान नागरिक कानून से भेदभावपूर्ण प्रथाओं पर रोक लगेगी और मध्य प्रदेश में सामाजिक सौहार्द एवं समानता को बढ़ावा मिलेगा।