मध्यप्रदेश ने गेहूं खरीदी के मामले में नया रिकॉर्ड कायम करते हुए हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर अब तक 10 लाख से अधिक किसानों से 63 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। इसके साथ ही प्रदेश देश में सबसे ज्यादा किसानों को लाभ पहुंचाने वाला राज्य बन गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में रोजाना औसतन 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो रही है। प्रदेश में गेहूं खरीदी की अंतिम तारीख 23 मई तय की गई है और अनुमान है कि तब तक कुल खरीदी 100 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच सकती है।
हरियाणा-पंजाब को छोड़ा पीछे
अब तक हरियाणा में 9.10 लाख, पंजाब में 7.5 लाख, उत्तरप्रदेश में 2 लाख और राजस्थान में 1.67 लाख किसान गेहूं खरीदी प्रक्रिया से लाभान्वित हुए हैं। वहीं मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंच चुका है।
19 लाख किसानों ने कराया पंजीयन
प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और इंदौर संभाग में 9 अप्रैल से खरीदी शुरू हुई थी, जबकि अन्य संभागों में 15 अप्रैल से प्रक्रिया जारी है। गेहूं बेचने के लिए कुल 19 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि तय समय तक सभी किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा सका तो खरीदी की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है।
सीएम मोहन यादव खुद पहुंचे खरीदी केंद्र
शुरुआती दिनों में किसानों को हो रही परेशानियों को देखते हुए मुख्यमंत्री Mohan Yadav स्वयं मैदान में उतरे। उन्होंने खरीदी केंद्रों का दौरा कर किसानों से संवाद किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाए। मुख्यमंत्री ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और संभागायुक्तों व कलेक्टरों के साथ बैठक कर खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद व्यवस्था में तेजी से सुधार देखने को मिला।
राज्यों में गेहूं खरीदी की स्थिति
- मध्यप्रदेश – 10 लाख किसान | अंतिम तारीख: 23 मई
- हरियाणा – 9.10 लाख किसान | अंतिम तारीख: 15 मई
- पंजाब – 7.5 लाख किसान | अंतिम तारीख: 10 मई
- उत्तरप्रदेश – 2 लाख किसान | अंतिम तारीख: 15 जून
- राजस्थान – 1.67 लाख किसान | अंतिम तारीख: 31 मई