Bhopal | मध्य प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी और एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़े स्तर पर योजना तैयार की जा रही है। प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में हेलीपैड विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही राज्य में हर करीब 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट और 45 किलोमीटर के दायरे में हेलीपैड उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का फोकस केवल हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एयर एंबुलेंस, धार्मिक पर्यटन और हेली टूरिज्म जैसी सेवाओं को भी विस्तार देने की योजना है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों को तेज परिवहन सुविधा से जोड़ने के साथ पर्यटन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हर विधानसभा क्षेत्र में होगा हेलीपैड
प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में हेलीपैड तैयार करने की योजना का उद्देश्य जरूरत के समय हेलीकॉप्टर सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है। इससे आपदा, स्वास्थ्य आपातकाल, प्रशासनिक गतिविधियों और महत्वपूर्ण यात्राओं के दौरान हवाई संपर्क को बेहतर बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही राज्य में लगभग हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ऐसे क्षेत्रों में भी एयर कनेक्टिविटी पहुंचाने में मदद मिलेगी, जहां बड़े एयरपोर्ट विकसित करना व्यावहारिक नहीं है।
हर 150 किमी पर एयरपोर्ट का नेटवर्क
मध्य प्रदेश में एयरपोर्ट नेटवर्क को भी विस्तार देने की तैयारी है। राज्य में करीब हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में 10 सर्वसुविधायुक्त विमानतलों का नेटवर्क विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इस नेटवर्क का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों और पर्यटन केंद्रों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है।
सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट
मध्य प्रदेश में आने वाले सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन की एयर कनेक्टिविटी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। योजना के तहत सिंहस्थ से पहले उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट शुरू करने की तैयारी की जा रही है। उज्जैन में सिंहस्थ के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। शिवपुरी में एयरपोर्ट शुरू होने से आसपास के पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार
मध्य प्रदेश के प्रमुख एयरपोर्ट इंदौर से अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं को बढ़ाने की भी तैयारी है। इंदौर से दुबई और अबूधाबी के लिए अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के बाद अब अन्य अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का नेटवर्क बढ़ने से मध्य प्रदेश के यात्रियों को दूसरे देशों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। साथ ही व्यापार, पर्यटन और निवेश से जुड़ी गतिविधियों को भी फायदा मिलने की संभावना है।
पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा का होगा विस्तार
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा के विस्तार की भी योजना है। अब तक 186 लोगों को एयर एंबुलेंस सेवा का लाभ मिल चुका है। एयर एंबुलेंस का इस्तेमाल गंभीर मरीजों को कम समय में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं वाले अस्पतालों तक पहुंचाने में किया जा सकता है। खासकर दूरदराज और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों के लिए ऐसी सेवा महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
नया सरकारी विमान मिलने से खर्च घटेगा
मध्य प्रदेश को नया सरकारी विमान मिलने से सरकारी यात्राओं के लिए किराए पर विमान लेने की आवश्यकता कम होने की उम्मीद है। इससे सरकार पर किराए के विमान से होने वाला खर्च घट सकता है। सरकारी विमान का उपयोग प्रशासनिक और आवश्यक सरकारी यात्राओं के लिए किया जा सकेगा। इससे लंबे समय में हवाई यात्रा से जुड़े खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का भी विस्तार
प्रदेश में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा को विस्तार देने की योजना भी एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा है। इसके जरिए राज्य के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को हेलीकॉप्टर कनेक्टिविटी से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश में उज्जैन, खजुराहो, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, पचमढ़ी और अन्य पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर हवाई संपर्क पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार हो सकता है।
कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन और स्वास्थ्य पर फोकस
मध्य प्रदेश की इस एविएशन योजना में एयरपोर्ट और हेलीपैड के साथ स्वास्थ्य, पर्यटन, धार्मिक यात्राओं और आपातकालीन सेवाओं को भी जोड़ा जा रहा है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में हेलीपैड विकसित होने से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हवाई सेवाओं की पहुंच बढ़ सकती है। वहीं एयरपोर्ट नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार से प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाना इस पूरी योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।