Bhopal | मध्य प्रदेश में आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश के सभी 7 सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों को सशर्त मान्यता दे दी है। मान्यता मिलने के बाद इन कॉलेजों में UG की 523 और PG की 117 सीटों, यानी कुल 640 सीटों पर प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। सभी सात सरकारी आयुर्वेद कॉलेज अब AYUSH NEET Counselling में शामिल हो गए हैं। इससे NEET के माध्यम से आयुर्वेद में दाखिला लेने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
7 सरकारी कॉलेजों में 640 सीटें
NCISM की सशर्त मान्यता के बाद प्रदेश के सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों में कुल 640 सीटों पर प्रवेश दिया जा सकेगा। इनमें 523 सीटें स्नातक यानी UG स्तर की हैं, जबकि 117 सीटें स्नातकोत्तर यानी PG पाठ्यक्रमों के लिए हैं। मान्यता सशर्त होने का मतलब है कि कॉलेजों को आयोग की ओर से तय मानकों और शर्तों का पालन करना होगा। संबंधित संस्थानों को निर्धारित कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।
भोपाल के खुशी लाल शर्मा कॉलेज में 149 सीटें
राजधानी भोपाल स्थित खुशी लाल शर्मा आयुर्वेदिक कॉलेज में UG और PG को मिलाकर कुल 149 सीटें हो गई हैं। यह प्रदेश के सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों में प्रमुख संस्थानों में शामिल है। मान्यता मिलने से यहां भी नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
ग्वालियर के आमखो कॉलेज में 80 सीटें
ग्वालियर के आमखो आयुर्वेद कॉलेज में कुल 80 सीटों को मंजूरी मिली है। इनमें 75 UG और 5 PG सीटें शामिल हैं। इससे ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों के लिए सरकारी संस्थान में आयुर्वेद की पढ़ाई के अवसर बढ़ेंगे।
इंदौर के अष्टांग कॉलेज में पहली बार 15 PG सीटें
इंदौर के अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज के लिए भी यह मंजूरी महत्वपूर्ण है। यहां पहली बार तीन विषयों में कुल 15 PG सीटों पर पढ़ाई शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है। इससे आयुर्वेद में स्नातकोत्तर शिक्षा के विकल्पों का विस्तार होगा और छात्रों को विशेषज्ञता आधारित अध्ययन के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेंगे।
देश के 56 आयुर्वेद कॉलेजों पर मान्यता का संकट
आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में इस समय देश के 56 कॉलेजों की मान्यता पर रोक लगी हुई है। इनमें मध्य प्रदेश के 10 निजी आयुर्वेद कॉलेज भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके विपरीत प्रदेश के सभी सात सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों को 2026-27 के लिए सशर्त मान्यता मिल गई है। ऐसे में सरकारी संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया जारी रहने का रास्ता साफ हुआ है।
AYUSH NEET Counselling में शामिल हुए सभी सरकारी कॉलेज
सभी सात सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों के AYUSH NEET Counselling में शामिल होने के बाद पात्र छात्र अपनी रैंक और काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर इन संस्थानों में UG और PG पाठ्यक्रमों के लिए विकल्प चुन सकेंगे। हालांकि, सीट आवंटन और प्रवेश की अंतिम प्रक्रिया AYUSH NEET काउंसलिंग के निर्धारित नियमों और कार्यक्रम के अनुसार होगी। सरकारी कॉलेजों को मिली यह सशर्त मान्यता प्रदेश में आयुर्वेद शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इससे नए शैक्षणिक सत्र में 640 सीटों पर प्रवेश का रास्ता खुला है और छात्रों को सरकारी संस्थानों में आयुर्वेद की पढ़ाई के लिए अवसर मिलेंगे।