भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई जिलों में हेल्थ इंडिकेटर्स को लेकर कलेक्टर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं और बिना पूरी जानकारी के आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विशेष रूप से सिंगरौली कलेक्टर गौरव बेनल सहित कुछ अन्य कलेक्टरों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जिले में 100 में से केवल 25 गर्भवती महिलाओं तक ही आवश्यक दवाएं पहुंच रही हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान कहा, "आपने यूपीएससी टॉप किया होगा, आप बुद्धिमान भी होंगे, लेकिन जो एसीएस बताना चाह रहे हैं, उसे भी सुनिए। केवल मोबाइल देखकर आंकड़े गिनाने से काम नहीं चलेगा।"
अधिकारियों को निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करें और वास्तविक आंकड़ों के आधार पर कार्य करें। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
हेल्थ इंडिकेटर्स में सुधार
बैठक में सभी कलेक्टरों को हेल्थ इंडिकेटर्स में सुधार लाने, गर्भवती महिलाओं को समय पर दवा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।