वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी। रिक्टर स्केल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के इन भूकंपों में अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 1,500 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। 200 से ज्यादा लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं और करीब 39 हजार लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। इसे पिछले 126 वर्षों में वेनेजुएला में आए सबसे विनाशकारी भूकंपों में से एक माना जा रहा है। इसके झटके ब्राजील के अमेजन क्षेत्र तक महसूस किए गए।
लापता लोगों की तलाश में जुटे परिजन
गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की तलाश में मलबा हटाते नजर आए। बचाव दल लगातार राहत और रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। कई घायलों को धूल और मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें बच्चे और पालतू जानवर भी शामिल हैं।
ला गुएरा में सबसे ज्यादा तबाही
भूकंप का सबसे अधिक असर ला गुएरा के तटीय क्षेत्र में देखने को मिला, जहां कई बहुमंजिला इमारतें धराशायी हो गईं। इसी इलाके में स्थित देश का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते उसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इससे राहत सामग्री और बचाव दलों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने ला गुएरा को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित करते हुए पूरे देश से राहत एवं बचाव टीमों को वहां भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी कंपनियों से भारी मशीनें उपलब्ध कराने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
बिजली, संचार और परिवहन सेवाएं प्रभावित
भूकंप के बाद कई इलाकों में बिजली, मोबाइल नेटवर्क, गैस आपूर्ति और मेट्रो सेवाएं ठप हो गई हैं। एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है और कई स्कूलों को अस्थायी राहत शिविरों में बदल दिया गया है। लोग अपने लापता परिजनों की तस्वीरों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगा रहे हैं, जबकि विदेशों में रह रहे वेनेजुएलावासी भी अपने परिवारों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं।
राहत कार्य के लिए कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
मानवीय सहायता को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने वेनेजुएला पर लगाए गए कुछ आर्थिक प्रतिबंधों को 23 अक्टूबर तक अस्थायी रूप से हटाने का फैसला किया है। अमेरिका, मैक्सिको, ब्राजील, कनाडा, स्पेन, पुर्तगाल और कतर सहित कई देशों ने राहत दल, मेडिकल टीमें, खोजी कुत्ते, ड्रोन, राहत सामग्री और पानी शुद्ध करने वाली मशीनें भेजने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका तेजी से सहायता पहुंचाने के लिए काम कर रहा है, हालांकि मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद होने से राहत अभियान को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।