भोपाल।मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो गई है। इस साल 24 जून को प्रदेश में मानसून ने दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को इसकी विदाई हो गई। इस तरह मानसून करीब 100 दिन प्रदेश में सक्रिय रहा। हालांकि, मानसून की विदाई के बाद भी अक्टूबर में कुछ इलाकों में हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मानसून की विदाई के साथ मध्यप्रदेश का मौसम अब नए चरण में प्रवेश कर गया है। अक्टूबर में दिन के समय गर्मी बढ़ेगी, जबकि रात में ठंड का असर दिखाई देने लगेगा। ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे रहने की संभावना है।
24 जून को आया मानसून, 3 अक्टूबर को विदाई
मध्यप्रदेश में इस साल मानसून ने 24 जून को प्रवेश किया और करीब 9 दिन में पूरे प्रदेश में फैल गया। इसके बाद जून में 6 दिन, जुलाई में 31 दिन, अगस्त में 31 दिन, सितंबर में 30 दिन और अक्टूबर में 2 दिन मानसून सक्रिय रहा।हालांकि, आधिकारिक मानसूनी सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इसी अवधि में होने वाली बारिश को दक्षिण-पश्चिम मानसूनी बारिश के तौर पर दर्ज किया जाता है।
प्रदेश में 908.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड
दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी यानी करीब 37.3 इंच है।इस लिहाज से प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई। यानी इस बार मानसून के दौरान प्रदेश को सामान्य के मुकाबले लगभग 1.5 इंच कम पानी मिला।
पूर्वी MP में ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कम बारिश
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का आंकड़ा अलग-अलग रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा रही। हालांकि, कुछ जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।
पश्चिमी MP के कई जिलों में बारिश की कमी
पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।वहीं प्रदेश के बाकी 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।
अगले तीन दिन मौसम रहेगा शुष्क
मानसून की विदाई के बाद 4, 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इस दौरान ज्यादातर जगह धूप खिली रहेगी, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
7 अक्टूबर से पूर्वी MP में बारिश के आसार
मौसम में बदलाव 7 अक्टूबर से देखने को मिल सकता है। इस दिन पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक और आंधी के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में 7 अक्टूबर को हल्की बारिश हो सकती है।इसके बाद 8 और 9 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।
दिन में गर्मी, रात में ठंड का असर
मानसून की विदाई के साथ अब प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगेगा। अक्टूबर में दिन के समय तापमान बढ़ने से गर्मी महसूस होगी, जबकि रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है।मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, अगस्त-सितंबर जैसी लगातार बारिश का दौर अब नहीं रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में रिमझिम बारिश देखने को मिल सकती है।