कोलकाता: विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन यानी साल्टलेक स्टेडियम में शनिवार को भारत और ब्राजील के बीच खेला गया ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मुकाबला ब्राजील के नाम रहा। पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने भारतीय टीम को 4-0 से शिकस्त दी। हालांकि नतीजा भारत के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन ब्लू टाइगर्स ने मुकाबले के दौरान जुझारूपन दिखाकर मैदान में मौजूद फुटबॉल प्रेमियों की खूब सराहना बटोरी।
पहली बार सीनियर स्तर पर आमने-सामने आए भारत और ब्राजील
यह मुकाबला भारतीय सीनियर पुरुष फुटबॉल टीम के लिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि पहली बार सीनियर स्तर पर भारत ने ब्राजील के खिलाफ मुकाबला खेला। भारत के सामने दुनिया की सबसे सफल फुटबॉल टीमों में शामिल ब्राजील थी। AIFF के मुताबिक यह भारतीय टीम के लिए 1992 में FIFA रैंकिंग शुरू होने के बाद सबसे ऊंची रैंक वाली विपक्षी टीम के खिलाफ मुकाबला था।
पहले हाफ में ब्राजील ने बनाई 2-0 की बढ़त
मैच की शुरुआत में भारतीय खिलाड़ियों ने ब्राजील के सामने खुद को अच्छी तरह संभाला। भारत ने शुरुआती मिनटों में कुछ अच्छे आक्रमण किए और ब्राजील को आसानी से हावी होने का मौका नहीं दिया। हालांकि 28वें मिनट में एस्तेवाओ ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास के जरिए ब्राजील का खाता खोल दिया। उन्होंने दाएं ओर से अंदर की तरफ आते हुए जोरदार लेफ्ट-फुट शॉट लगाया, जो गोल में बदल गया।
पहले गोल के बाद ब्राजील ने दबाव बढ़ाया। 42वें मिनट में एस्तेवाओ की मदद से पेड्रो ने गोल कर टीम की बढ़त 2-0 कर दी। भारत के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने कई मौकों पर बेहतरीन बचाव किए और पहले हाफ में ब्राजील को लगातार गोल करने से रोके रखा। हाफ टाइम तक ब्राजील 2-0 से आगे था।
दूसरे हाफ में दो और गोल, भारत 4-0 से पीछे
दूसरे हाफ में ब्राजील ने अपने आक्रमण को और तेज किया। 57वें मिनट के आसपास सैमुअल लिनो ने ब्राजील के लिए तीसरा गोल किया। इसके बाद भारत ने वापसी की कोशिश की, लेकिन ब्राजील की तकनीकी क्षमता और तेज पासिंग के सामने भारतीय टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इंजरी टाइम में सैमुअल लिनो ने एक और गोल कर अपना व्यक्तिगत दूसरा गोल पूरा किया। इसके साथ ही ब्राजील की बढ़त 4-0 हो गई और मैच इसी स्कोर पर समाप्त हुआ। ब्राजील की ओर से एस्तेवाओ, पेड्रो और सैमुअल लिनो ने गोल किए, जिसमें लिनो ने दो गोल दागे।
स्कोरलाइन बड़ी, लेकिन भारतीय टीम के प्रयास की चर्चा
भारत के लिए मैच का परिणाम भले ही 0-4 रहा, लेकिन टीम ने कई मौकों पर ब्राजील के खिलाफ मुकाबला करने की कोशिश की। शुरुआती दौर में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रमण के कुछ अच्छे प्रयास किए और रक्षापंक्ति ने भी ब्राजील के हमलों को रोकने का प्रयास किया। गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने भी कई महत्वपूर्ण सेव किए।
ब्राजील के खिलाफ खेलना भारतीय खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा अनुभव रहा। मुकाबले में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का मौका भारतीय टीम को मिला, जबकि कोलकाता के दर्शकों के लिए यह लंबे समय तक याद रहने वाला फुटबॉल मुकाबला बन गया।
कोलकाता में दिखा फुटबॉल का जबरदस्त जुनून
मैच से पहले ही कोलकाता में भारत-ब्राजील मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला था। साल्टलेक स्टेडियम में बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रशंसक पहुंचे। भारत में ब्राजील की लोकप्रियता को देखते हुए मुकाबले का माहौल बेहद खास रहा। ऐतिहासिक मैच ने एक बार फिर यह दिखाया कि भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के बीच ब्राजील और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को लेकर कितना जुनून है।
ब्राजील के लिए 4-0 की जीत, भारत को मिला बड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुभव
अंतिम सीटी के साथ ब्राजील ने मुकाबला 4-0 से अपने नाम कर लिया। स्कोरलाइन भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन इस मुकाबले ने भारतीय टीम को विश्वस्तरीय विपक्षी के खिलाफ खेलने का महत्वपूर्ण अनुभव दिया। वहीं ब्राजील ने अपने एशियाई दौरे के इस मुकाबले को जीत के साथ समाप्त किया।