भोपाल। मध्यप्रदेश में तबादलों की तय समय-सीमा 15 जून को समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कई विभागों में देर रात तक स्थानांतरण आदेश जारी होते रहे। सामान्य प्रशासन विभाग ने 155 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों के तबादले किए,इनमें अपर कलेक्टर डिप्टी कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं,वहीं दूसरे विभागों ने भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तबादला सूचियां जारी कीं हैं । अब जिन विभागों की प्रक्रिया अधूरी रह गई है, वे कैबिनेट में समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रख सकते हैं।
देर रात तक जारी रहे तबादला आदेश
राज्य सरकार ने 1 जून से 15 जून तक स्थानांतरण की अनुमति दी थी। इस अवधि के अंतिम दिन कई विभागों में गतिविधियां तेज रहीं। सामान्य प्रशासन विभाग ने देर रात 155 एसएएस अधिकारियों के ट्रांसफर आदेश जारी किए। इसके अलावा राजस्व विभाग ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार और 723 पटवारियों के तबादले किए।
स्वास्थ्य समेत कई विभागों में बड़े स्तर पर तबादले
स्वास्थ्य विभाग ने 329 स्टाफ नर्स समेत अन्य पदों पर तबादला आदेश जारी किए। लोक निर्माण विभाग, परिवहन, जल संसाधन और अन्य विभागों ने भी अपनी-अपनी सूचियां जारी कीं। अनुमान है कि सोमवार देर रात तक 10 से 15 हजार कर्मचारियों के तबादले किए गए।
कैबिनेट में उठ सकता है समय-सीमा बढ़ाने का मुद्दा
कुछ विभागों में अब भी पूरी सूची तैयार नहीं हो पाई है। ऐसे में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में मंत्री समय-सीमा बढ़ाने की मांग रख सकते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि 15 जून के बाद तारीख बढ़ाने का कोई विचार नहीं है।
पहले ही दी जा चुकी है सख्त हिदायत
20 मई को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 मई को आदेश जारी कर सभी विभागों को 15 जून तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कई मौकों पर कहा था कि विभाग तय समय में ही प्रक्रिया पूरी करें।
अंतिम दिन मंत्रियों और अधिकारियों में रही हलचल
तबादलों की अंतिम तिथि होने के कारण सोमवार को कई मंत्री अपने-अपने विभागों में सक्रिय रहे। अधिकारी दिनभर सूचियां तैयार करने, संशोधित करने और अंतिम रूप देने में जुटे रहे। कई विभागों में देर रात तक स्थानांतरण को लेकर कवायद चलती रही।