भोपाल, 14 सितंबर 2026 | मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर करवट ली है। कुछ दिनों की राहत के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और गरज-चमक का दौर लौट आया है। सोमवार को भोपाल समेत प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने बिजली चमकने और गरज-चमक की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
भोपाल में बादल, हल्की बारिश के आसार
राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह आसमान पर बादल छाए हुए हैं। आज शहर में हल्की बारिश के कुछ दौर हो सकते हैं। दिन का अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम करीब 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के कारण दिन में गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन नमी ज्यादा रहने से उमस महसूस हो सकती है।
15 सितंबर तक बना रह सकता है बारिश का दौर
प्रदेश में 11 सितंबर के बाद मानसून की गतिविधियां दोबारा बढ़ी हैं। हालिया पूर्वानुमान में मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में 13, 14 और 15 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई थी। भोपाल में भी 13-14 सितंबर के दौरान मध्यम बारिश के आसार बताए गए थे। इस दौरान कहीं हल्की बारिश तो कुछ स्थानों पर तेज बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
पूर्वी मध्यप्रदेश में भी बारिश की संभावना
जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, शहडोल, अनूपपुर और आसपास के पूर्वी जिलों में पिछले कुछ दिनों से मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं।
पूर्वी मध्यप्रदेश में नमी और सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 11 सितंबर के दौरान भी सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में बारिश का मजबूत दौर देखने को मिला था।
मालवा और मध्य MP में भी बदल सकता है मौसम
इंदौर, उज्जैन, देवास और आसपास के मालवा क्षेत्र में मौसम पूरी तरह सूखा रहने की संभावना नहीं है। स्थानीय स्तर पर बादल बनने के साथ हल्की बारिश या गरज-चमक हो सकती है।
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और आसपास के मध्य क्षेत्र में भी बारिश की गतिविधियां बीच-बीच में जारी रह सकती हैं।
क्यों फिर सक्रिय हुआ मानसून?
सितंबर के दूसरे सप्ताह में मध्य और पूर्वी भारत के ऊपर सक्रिय मानसूनी सिस्टम और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के चलते मध्यप्रदेश में बारिश का नया दौर बना है। पिछले कुछ दिनों में कमजोर पड़ा मानसून 11 सितंबर के बाद फिर सक्रिय हुआ और प्रदेश के कई जिलों में बादल तथा बारिश लौट आई।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश और गरज-चमक की स्थिति में किसानों को खुले खेत में लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए। बिजली चमकते समय पेड़ के नीचे खड़े न हों।
खेत में कटी हुई फसल या दूसरी कृषि उपज खुले में रखी हो तो उसे तिरपाल या सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था भी बनाए रखें।
बिजली चमके तो बरतें सावधानी
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, ऊंचे स्थान, नदी-तालाब के किनारे और अकेले पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें। अगर तेज बारिश हो रही हो तो पानी से भरे रपटों, पुलियों या नालों को पार करने की कोशिश न करें। जिला प्रशासन और मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखें।