मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने का असर अब मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले कई दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों को जुलाई के महीने में भी अप्रैल और मई जैसी गर्मी का एहसास हो रहा है। कई शहरों में तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर में भी पारा 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा दतिया, सतना और श्योपुर में भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
प्रदेश में औसत से 13 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 16 जुलाई 2026 तक मध्यप्रदेश में सामान्य से 13 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।पूर्वी मध्यप्रदेश में औसत से 26 प्रतिशत कम बारिश हुई है।पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से 2 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।बारिश की इस कमी के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है।
सबसे गर्म शहरों की सूची
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के सबसे अधिक तापमान वाले शहर इस प्रकार रहे
शहर अधिकतम तापमान
खजुराहो 38.2°C
ग्वालियर 38.0°C
दतिया 37.2°C
सतना 36.7°C
श्योपुर 36.4°C
प्रमुख शहरों का तापमान
प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी तापमान सामान्य से अधिक रहा
शहर अधिकतम तापमान
भोपाल 32.2°C
इंदौर 34.0°C
उज्जैन 35.0°C
जबलपुर 35.3°C
नर्मदापुरम 35.4°C
रीवा 35.7°C
सागर 34.7°C
रात के समय भी तापमान में अधिक गिरावट नहीं होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।
अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए नया पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
17 जुलाई: बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट।
18 जुलाई: अनूपपुर, सीधी और मऊगंज में भारी वर्षा की संभावना।
19 जुलाई: सागर, पन्ना और कटनी में तेज बारिश के आसार।
20 जुलाई: कटनी और सतना जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ निम्न दबाव का क्षेत्र
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इसके अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है।उन्होंने बताया कि इस मौसम प्रणाली का प्रभाव मुख्य रूप से पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में देखने को मिलेगा, जहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।
18 जुलाई से मिलेगी गर्मी से राहत
मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक-दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि 18 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बंगाल की खाड़ी से बना निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय होकर आगे बढ़ता है, तो मध्यप्रदेश में मानसून दोबारा रफ्तार पकड़ सकता है और आने वाले दिनों में कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।