भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क गारमेंट सेक्टर में देश का सबसे बड़ा पार्क बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पार्क में अब तक 90 प्रतिशत भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है, जो राज्य सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल, निवेश के अनुकूल नीतियों और तेज विकास का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पारंपरिक वस्त्र निर्माण और कपास उद्योग भारत की पहचान रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स 2026 में प्रदेश ने टेक्सटाइल सेक्टर में अपनी क्षमताओं और निवेश संभावनाओं को प्रदर्शित किया।
धार पीएम मित्र पार्क में निवेशकों की बढ़ी रुचि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि धार जिले में पीएम मित्र पार्क के आसपास भी अब कई निवेशक उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, कच्चे माल की उपलब्धता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-friendly नीतियां उद्योगपतियों को आकर्षित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बढ़ती निर्यात क्षमता और रोजगार देने की क्षमता को देश-दुनिया में पहचान मिल रही है। गारमेंट सेक्टर में निवेशकों की रुचि और उद्यमियों का उत्साह प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति दे रहा है।
टेक्सटाइल सेक्टर में मिले 1592 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत टेक्स 2026 के दौरान मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल क्षेत्र में करीब 1592 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से लगभग 15 हजार 700 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह सहित देश के प्रमुख उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है।
कपास से फैशन तक तैयार हो रहा पूरा इकोसिस्टम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां टेक्सटाइल और अपेरल सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन मौजूद है। प्रदेश में कपास उत्पादन से लेकर धागा निर्माण, गारमेंट उत्पादन और मशीनरी तक की सुविधाएं उपलब्ध हैं।उन्होंने कहा कि जैविक कपास उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। राज्य में अब केवल कपास उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय 'फार्म टू फैशन' का पूरा इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश से टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में करीब 11,750 करोड़ रुपये का निर्यात किया जा चुका है। प्रदेश के उत्पाद अमेरिका, बांग्लादेश, जापान, जर्मनी, वियतनाम, इटली, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
पीएम मित्र पार्क से मिलेगा किसानों और युवाओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र के सैकड़ों उद्योग संचालित हो रहे हैं। एमएसएमई इकाइयों की संख्या भी 43 हजार से अधिक हो चुकी है। इस सेक्टर में करीब 2400 करोड़ रुपये के निवेश से 3 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है।उन्होंने कहा कि धार के पीएम मित्र पार्क में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश आने की संभावना है। यहां करीब 30 बड़ी कंपनियों के आने से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे कपास उत्पादक किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
मध्यप्रदेश निवेश के क्षेत्र में बनाएगा नया रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर सेक्टर में मध्यप्रदेश अपनी आकर्षक नीतियों के कारण निवेशकों की पसंद बन रहा है। उद्योगों को आर्थिक सहायता, बिजली सुविधा, भूमि आवंटन और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में मिले निवेश प्रस्तावों में से करीब 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है। वर्ष 2027 में फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित होगी, जिसमें निवेश के नए रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उद्यमियों को अब तक करीब 5500 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा चुकी है।
छोटे शहरों में भी बढ़ रहा औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संभाग स्तर पर आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से छोटे शहरों में भी औद्योगिक विकास को गति मिली है। नर्मदापुरम में 11,500 करोड़ रुपये के निवेश से नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।इसके अलावा रीवा में आईटी पार्क, ग्वालियर, जबलपुर, सिंगरौली, सतना, कटनी और सागर में इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। शिवपुरी में डिफेंस पार्क और गुना में बड़े सीमेंट प्लांट की दिशा में भी काम हो रहा है।उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 37 से अधिक इंडस्ट्रियल पार्क संचालित हैं और मध्यप्रदेश टेक्सटाइल के साथ अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
किसानों को ऊर्जा उत्पादन में बनाया जा रहा भागीदार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने का काम कर रही है। सोलर पंप योजना के माध्यम से किसान अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर रहे हैं और अतिरिक्त बिजली सरकार द्वारा खरीदी जा रही है।उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से जल प्रबंधन को नई दिशा दी गई है। साथ ही पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पर्यटन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधनों और बेहतर नीतियों के कारण देश-दुनिया के निवेशकों के लिए तेजी से पसंदीदा स्थान बन रहा है।