सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर दोनों दबाव में कारोबार कर रहे हैं। वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिका-ईरान तनाव और महंगाई को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। अगर आप शादी या त्योहार के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि सिर्फ सोने की कीमत ही नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज और GST भी आपके कुल बिल को काफी बढ़ा देते हैं।
आज कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी?
16 जुलाई को घरेलू वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोने का भाव करीब 540 रुपये टूटकर 1,41,310 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी की कीमत में 924 रुपये की गिरावट आई और यह 2,19,696 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना हुआ है। कॉमैक्स (COMEX) पर सोना लगभग 0.27% की गिरावट के साथ 4,041 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी करीब 0.15% की तेजी के साथ 57.52 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है।
22 कैरेट का 10 ग्राम गोल्ड नेकलेस बनवाने में कितना खर्च आएगा?
अगर आज के भाव के आधार पर आप 22 कैरेट (22K) का 10 ग्राम गोल्ड नेकलेस बनवाते हैं, तो सबसे पहले 24 कैरेट गोल्ड के रेट के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत करीब 1,29,535 रुपये होगी। यदि ज्वेलर 10% मेकिंग चार्ज लेता है, तो इसमें लगभग 12,954 रुपये और जुड़ जाएंगे। इसके बाद कुल राशि पर 3% GST लगाया जाएगा, जो करीब 4,275 रुपये होगा। इस तरह 10 ग्राम के 22 कैरेट गोल्ड नेकलेस की कुल कीमत लगभग 1,46,760 रुपये (करीब 1.47 लाख रुपये) हो सकती है। यदि नेकलेस का डिजाइन अधिक जटिल है और 20% मेकिंग चार्ज लगाया जाता है, तो कुल बिल 1.60 लाख रुपये के आसपास पहुंच सकता है।
सोने के बिल में क्या-क्या शामिल होता है?
सोना खरीदते समय ग्राहक को केवल सोने की कीमत नहीं चुकानी पड़ती। अंतिम बिल में कई अन्य शुल्क भी शामिल होते हैं—
- सोने का मौजूदा बाजार भाव
- मेकिंग चार्ज
- 3% GST
- कुछ मामलों में हॉलमार्किंग या अन्य सेवा शुल्क
इसी वजह से अंतिम कीमत बाजार में दिख रहे गोल्ड रेट से काफी अधिक हो सकती है।
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
विशेषज्ञों के अनुसार, जून महीने में अमेरिका के थोक महंगाई (PPI) और खुदरा महंगाई (CPI) के आंकड़ों ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। शुरुआत में उम्मीद थी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका फिर मजबूत हुई है। यदि महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। इसी संभावना के चलते निवेशकों की रणनीति बदली है और सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को शादी, त्योहार या अन्य जरूरतों के लिए निकट भविष्य में सोना खरीदना है, वे मौजूदा कीमतों पर खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। हालांकि निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी ब्याज दरों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखनी चाहिए।