इंदौर, 16 जुलाई। मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय विमानन कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय डायरेक्ट फ्लाइट इंदौर-अबू धाबी सेवा का शुभारंभ किया। यह उड़ान मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत शुरू की गई है और इसका संचालन एयर इंडिया एक्सप्रेस करेगी। इस नई सेवा के शुरू होने से अब यात्रियों को अबू धाबी पहुंचने के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य शहरों में फ्लाइट बदलने की जरूरत नहीं होगी। पहले जहां इस सफर में करीब 8 घंटे लगते थे, वहीं अब सीधी उड़ान के जरिए यह दूरी करीब सवा 3 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
मध्य प्रदेश की पहली डायरेक्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ान
इंदौर से शुरू हुई यह सेवा मध्य प्रदेश की पहली नियमित अंतरराष्ट्रीय डायरेक्ट फ्लाइट है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्घाटन समारोह में यात्रियों को बोर्डिंग पास भी वितरित किए। पहले दिन करीब 80 यात्रियों ने इस उड़ान से यात्रा की। सरकार का मानना है कि यह सेवा केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
अब सिर्फ सवा 3 घंटे में पहुंचेंगे अबू धाबी
अब तक इंदौर से अबू धाबी जाने वाले यात्रियों को दिल्ली, मुंबई या अन्य शहरों के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी पड़ती थी, जिससे कुल यात्रा समय करीब 8 घंटे या उससे अधिक हो जाता था। नई डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने के बाद यह यात्रा अब करीब 3 घंटे 15 मिनट में पूरी होगी, जिससे समय और यात्रा की असुविधा दोनों कम होंगी।
सरकार क्यों देगी ₹15 लाख प्रति उड़ान?
मध्य प्रदेश सरकार ने नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत इस अंतरराष्ट्रीय सेवा के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) देने का फैसला किया है। इसके तहत सरकार प्रत्येक उड़ान पर लगभग 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। इस योजना का उद्देश्य शुरुआती दौर में एयरलाइन की परिचालन लागत का एक हिस्सा वहन करना है, ताकि उड़ान नियमित रूप से संचालित हो सके और यात्रियों को अपेक्षाकृत कम किराये पर सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
ध्यान दें: सरकार ने कहा है कि इस सहायता से यात्रियों के किराये का भार कम होगा। वास्तविक टिकट किराया मांग, बुकिंग समय और एयरलाइन की मूल्य निर्धारण नीति के अनुसार तय होगा।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-अबू धाबी सीधी उड़ान केवल दो शहरों को नहीं, बल्कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच व्यापार, पर्यटन, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों को भी नई मजबूती देगी। उन्होंने कहा कि यह सेवा मध्य प्रदेश को वैश्विक स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदेश में हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार मध्य प्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने पर काम कर रही है। आने वाले समय में जिन रूटों पर उड़ान शुरू करने की योजना है, उनमें शामिल हैं—
जबलपुर – कोलकाता
भोपाल – रीवा
भोपाल – पटना
रीवा – कोलकाता
इसके अलावा पीएम श्री हेली सेवा के विस्तार पर भी काम जारी है।
इंदौर एयरपोर्ट का भी होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती हवाई यातायात आवश्यकताओं को देखते हुए इंदौर एयरपोर्ट पर—
नया टर्मिनल भवन,
रनवे का विस्तार,
और अन्य आधुनिक सुविधाओं की जरूरत है। सरकार इस दिशा में भी योजनाएं तैयार कर रही है।
उज्जैन और शिवपुरी में बन रहे नए एयरपोर्ट
राज्य सरकार ने जानकारी दी कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए—
उज्जैन
शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण कार्य भी जारी है। इससे प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को भी बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
अबू धाबी के लिए सीधी उड़ान।
यात्रा समय में लगभग 5 घंटे की बचत।
कनेक्टिंग फ्लाइट की जरूरत नहीं।
व्यापारियों और उद्योग जगत को बेहतर कनेक्टिविटी।
पर्यटन और निवेश को बढ़ावा।
खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों के लिए सुविधाजनक यात्रा।
FAQs
1. इंदौर-अबू धाबी डायरेक्ट फ्लाइट कब शुरू हुई?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया और अब यह नियमित सेवा के रूप में शुरू हो गई है।
2. सप्ताह में कितने दिन उड़ान संचालित होगी?
यह सेवा सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार यानी सप्ताह में चार दिन उपलब्ध रहेगी।
3. यात्रा में कितना समय लगेगा?
करीब 3 घंटे 15 मिनट।
4. सरकार प्रति उड़ान कितनी सहायता देगी?
राज्य सरकार विमानन नीति-2025 के तहत प्रति उड़ान लगभग ₹15 लाख की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) उपलब्ध कराएगी।
5. क्या इससे टिकट सस्ता होगा?
सरकार का कहना है कि VGF के कारण यात्रियों पर किराये का भार कम होगा। हालांकि वास्तविक टिकट किराया एयरलाइन की मूल्य निर्धारण नीति पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
इंदौर से अबू धाबी की डायरेक्ट फ्लाइट मध्य प्रदेश के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे न केवल यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी, बल्कि व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार की वायबिलिटी गैप फंडिंग योजना शुरुआती चरण में इस सेवा को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।