मिडिल ईस्ट में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव ने एक बार फिर दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार को चिंता में डाल दिया है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) की ओर बढ़ रहे एक वाणिज्यिक ऑयल टैंकर को रोककर बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, जहाज ने कई चेतावनियों के बावजूद अपना रास्ता नहीं बदला, जिसके बाद अमेरिकी सैन्य विमान ने हेलफायर मिसाइलों का इस्तेमाल कर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले समुद्री मार्गों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू की है। इस घटनाक्रम ने न केवल मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी इसके दूरगामी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यह कार्रवाई उस नौसैनिक नाकेबंदी के दोबारा लागू होने के बाद की गई, जिसे अमेरिका ने 14 जुलाई से प्रभावी किया है।
कुराकाओ के झंडे वाला टैंकर बना निशाना
अमेरिकी सेना के मुताबिक M/T Belma नाम का ऑयल टैंकर, जो कुराकाओ (Curacao) के झंडे के तहत संचालित हो रहा था, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से होते हुए ईरान के खार्ग द्वीप की ओर बढ़ रहा था। CENTCOM का दावा है कि जहाज को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने अपना मार्ग नहीं बदला।
हेलफायर मिसाइल दागकर रोका जहाज
CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि चेतावनियों की अनदेखी करने के बाद अमेरिकी विमान ने जहाज के स्मोकस्टैक (धुआं निकलने वाली चिमनी) को निशाना बनाते हुए हेलफायर मिसाइलें दागीं। सेना के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य जहाज को नष्ट करना नहीं, बल्कि उसे आगे बढ़ने से रोकना था। मिसाइल हमले के बाद जहाज ने अपना मार्ग बदल लिया और वह ईरान की ओर नहीं बढ़ा।
14 जुलाई से दोबारा लागू हुई है नौसैनिक नाकेबंदी
अमेरिका ने 14 जुलाई को शाम 4 बजे (ईस्टर्न टाइम) से ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले जहाजों पर कड़ी निगरानी और नियंत्रण की नीति फिर से लागू की है। इस नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान तक समुद्री मार्ग से होने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना बताया गया है।
नाकेबंदी के बाद रोका गया पहला कमर्शियल जहाज
CENTCOM के अनुसार, नाकेबंदी दोबारा लागू होने के बाद पहले 24 घंटों के भीतर यह पहली बड़ी कार्रवाई है। अमेरिकी सेना ने बताया कि इसी अवधि में दो अन्य वाणिज्यिक जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन करते हुए अपना रास्ता बदल लिया, जबकि M/T Belma ने निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके बाद उसे रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई की गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है असर
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में पहले से ही उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। यदि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और बढ़ती हैं, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और तेल की कीमतों में और तेजी आने की आशंका जताई जा रही है।