भोपाल। रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पश्चिम मध्य रेलवे के छह प्रमुख रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा हो गया है। अब ये स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर यात्रियों की सेवा के लिए तैयार हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए गए इन स्टेशनों का वर्चुअल लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे।
पुनर्विकसित किए गए छह स्टेशनों में मध्यप्रदेश के ब्यौहारी, विदिशा, सांची, शिवपुरी और अशोकनगर रेलवे स्टेशन शामिल हैं, जबकि राजस्थान का गंगापुर सिटी जंक्शन भी इस सूची में शामिल है। इन स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित माहौल और अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 45 स्टेशनों का हो रहा विकास
पश्चिम मध्य रेलवे के कुल 45 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इनमें से पहले चरण में छह स्टेशनों का कायाकल्प पूरा कर लिया गया है।
रेलवे ने स्टेशन भवनों को नया स्वरूप देने के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया है। रेलवे का कहना है कि इन स्टेशनों के विकास से आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्टेशनों पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पुनर्विकास के दौरान रेलवे स्टेशनों पर कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इनमें शामिल हैं—
आधुनिक और आकर्षक स्टेशन भवन
बेहतर प्रवेश और निकास व्यवस्था
विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया
पार्किंग की सुविधा
आधुनिक प्रतीक्षालय
बेहतर प्रकाश व्यवस्था
डिजिटल ट्रेन सूचना प्रणाली
कोच पोजीशन डिस्प्ले सिस्टम
आधुनिक साइनेज और डिजिटल घड़ियां
सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली
इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, फुट ओवर ब्रिज, हाई लेवल प्लेटफॉर्म और नए प्लेटफॉर्म शेल्टर भी विकसित किए गए हैं।
दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। स्टेशनों पर रैंप, टैक्टाइल पाथ, व्हीलचेयर सुविधा, विशेष शौचालय और सुगम पहुंच मार्ग तैयार किए गए हैं, ताकि हर यात्री को बेहतर सुविधा मिल सके।
स्थानीय संस्कृति के अनुसार तैयार किए गए स्टेशन
रेलवे ने केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहते हुए प्रत्येक स्टेशन को स्थानीय संस्कृति और क्षेत्रीय पहचान के अनुरूप विकसित किया है। इससे ये स्टेशन संबंधित शहरों की पहचान और पर्यटन आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे।
इन स्टेशनों पर हुआ कितना खर्च
ब्यौहारी रेलवे स्टेशन
लागत: 20.58 करोड़ रुपये
कटनी-सिंगरौली रेलखंड का प्रमुख स्टेशन। यहां यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
विदिशा रेलवे स्टेशन
लागत: 29.46 करोड़ रुपये
भोपाल मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल विदिशा स्टेशन को आधुनिक स्वरूप दिया गया है।
सांची रेलवे स्टेशन
लागत: 15.32 करोड़ रुपये
विश्व प्रसिद्ध बौद्ध पर्यटन स्थल सांची आने वाले पर्यटकों को अब बेहतर रेलवे सुविधाएं मिलेंगी।
शिवपुरी रेलवे स्टेशन
लागत: लगभग 22 करोड़ रुपये
पर्यटन नगरी शिवपुरी के रेलवे स्टेशन को नए डिजाइन और सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है।
अशोकनगर रेलवे स्टेशन
लागत: लगभग 22 करोड़ रुपये
स्टेशन के डिजाइन में स्थानीय कला और संस्कृति को शामिल किया गया है।
गंगापुर सिटी जंक्शन
लागत: 25 करोड़ रुपये
करीब 555 वर्गमीटर क्षेत्र में स्टेशन भवन का विस्तार किया गया है।
यात्रियों को मिलेगा बेहतर और सुरक्षित सफर
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि इन स्टेशनों के लोकार्पण के साथ रेलवे में यात्री सुविधाओं का नया अध्याय शुरू होगा। आधुनिक अधोसंरचना और डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इन स्टेशनों के विकसित होने से संबंधित क्षेत्रों में पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे देशभर के स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।