कोलकाता: पश्चिम बंगाल के लाइसेंसधारी विदेशी शराब (फॉरेन लिकर) विक्रेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता से मुलाकात कर विभिन्न मांगों से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने खुदरा कारोबार से जुड़े नियमों में सुधार, लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने और व्यापार को अधिक व्यवहारिक बनाने के लिए राज्य सरकार से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
खुदरा मार्जिन बढ़ाने और नियमों में बदलाव की मांग
सोसाइटी फॉर द वेलफेयर ऑफ वेस्ट बंगाल फॉरेन लिकर लाइसेंसेज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में कई परिचालन और नियामकीय चुनौतियां हैं। संगठन ने खुदरा विक्रेताओं का मार्जिन बढ़ाने, आबकारी मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने, जुर्माने की व्यवस्था को तर्कसंगत बनाने तथा मामलों के कानूनी निपटारे तक लाइसेंसधारकों के साथ निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।
BEVCO पोर्टल और EPOS सिस्टम में सुधार पर जोर
ज्ञापन में BEVCO पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (EPOS) प्रणाली को अधिक सुचारु और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की मांग भी की गई। संगठन ने लाइसेंस संबंधी सभी मंजूरियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने तथा अतिरिक्त गोदामों (गोडाउन) की स्वीकृति प्रक्रिया को तेज करने का सुझाव दिया।
ब्रांड उपलब्धता और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग
विदेशी शराब विक्रेताओं ने राज्य में विभिन्न ब्रांडों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने, बिलों पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क की समीक्षा करने और आपूर्ति संबंधी समस्याओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सहायता देने की मांग रखी। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की एक्सपायरी तिथि प्रदर्शित करने की भी मांग की गई, ताकि ग्राहकों और विक्रेताओं दोनों के लिए पारदर्शिता बढ़ सके।
सरकार के साथ सहयोग की जताई इच्छा
सोसाइटी के सचिव बिजन पात्रा ने कहा कि संगठन का उद्देश्य सरकार के साथ मिलकर ऐसे व्यावहारिक सुधारों को लागू करना है, जो व्यापारिक चुनौतियों का समाधान करें, कार्यकुशलता बढ़ाएं और राज्य के राजस्व को भी मजबूत करें। प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री द्वारा उनकी बात सुनने के लिए आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
1,000 से अधिक लाइसेंसधारकों का प्रतिनिधित्व
वर्ष 2003 में स्थापित सोसाइटी फॉर द वेलफेयर ऑफ वेस्ट बंगाल फॉरेन लिकर लाइसेंसेज पश्चिम बंगाल के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 1,000 से अधिक विदेशी शराब लाइसेंसधारकों का प्रतिनिधित्व करती है। संगठन का कहना है कि प्रस्तावित सुधारों से न केवल व्यापार को मजबूती मिलेगी, बल्कि नियामकीय व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।