नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को गति देने के लिए चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए संशोधित अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को जारी करने का निर्णय लिया है। आयोग का कहना है कि घर-घर जाकर गणना फॉर्म वितरित करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन प्राप्त फॉर्मों को ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज (डिजिटाइजेशन) करने की प्रक्रिया अपेक्षित गति से नहीं चल रही है। इसी वजह से अंतिम सूची जारी करने की समय-सीमा बढ़ाई गई है, ताकि सभी पात्र मतदाताओं का डेटा सही तरीके से दर्ज किया जा सके।
चुनाव आयोग की ओर से 14 जुलाई रात 8 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में कुल 1,45,10,298 पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें से 1,43,02,626 मतदाताओं तक गणना फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 98.57 प्रतिशत है। हालांकि, अब तक केवल 17,66,553 फॉर्म ही ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किए जा सके हैं। यह कुल मतदाताओं का 12.17 प्रतिशत है। यानी अभी भी करीब 1.25 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज किए जाने बाकी हैं।
30 जून से शुरू हुआ था विशेष अभियान
मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया था। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं। फॉर्म प्राप्त होने के बाद उनकी जांच और ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह सटीक हो।
डिजिटाइजेशन में आउटर नॉर्थ सबसे आगे
जिलावार प्रगति की बात करें तो आउटर नॉर्थ जिला डिजिटाइजेशन के मामले में सबसे आगे है, जहां 25.25 प्रतिशत फॉर्म ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद दक्षिण-पश्चिम जिला (17.63 प्रतिशत), सेंट्रल नॉर्थ (15.41 प्रतिशत), नॉर्थ (14.70 प्रतिशत) और पश्चिम जिला (14.61 प्रतिशत) का स्थान है।वहीं, ओल्ड दिल्ली (7.22 प्रतिशत), पूर्वी दिल्ली (7.25 प्रतिशत) और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली (7.90 प्रतिशत) में ऑनलाइन डेटा एंट्री की रफ्तार सबसे धीमी बनी हुई है। आयोग ने इन जिलों में भी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।
फॉर्म वितरण में अधिकांश जिले लक्ष्य के करीब
गणना फॉर्म वितरण के मामले में अधिकांश जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। चुनाव आयोग के अनुसार नई दिल्ली जिला में सभी पात्र मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाने का दावा किया गया है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व, मध्य, पूर्व, दक्षिण, पश्चिम और अन्य अधिकांश जिले भी 99 प्रतिशत के करीब फॉर्म वितरण का लक्ष्य हासिल कर चुके हैं। केवल उत्तर-पश्चिम जिला 94.36 प्रतिशत वितरण के साथ अन्य जिलों की तुलना में थोड़ा पीछे है।
सही और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना उद्देश्य
चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। इस प्रक्रिया के माध्यम से नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाएगा, जबकि मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नामों का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इससे भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए अधिक सटीक और विश्वसनीय मतदाता सूची उपलब्ध हो सकेगी।
एसआईआर अभियान की स्थिति (14 जुलाई, रात 8 बजे तक)
कुल मतदाता: 1,45,10,298
वितरित गणना फॉर्म: 1,43,02,626 (98.57%)
ऑनलाइन दर्ज फॉर्म: 17,66,553 (12.17%)
डिजिटाइजेशन शेष: लगभग 1.25 करोड़ फॉर्म
संशोधित अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तिथि: 19 अक्टूबर