नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तरप्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों असम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर मध्यप्रदेश के कई जिलों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का दिखेगा असर
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार सक्रिय हो रहा है। इसके चलते ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। अगले दो दिनों में यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश तक पहुंचेगा, जिससे इन राज्यों में मानसून की रफ्तार फिर तेज हो सकती है।विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से कई इलाकों में बारिश की कमी महसूस की जा रही थी।
पुरी में रथयात्रा के दौरान भी बारिश की चेतावनी
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की है तथा लोगों से मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मध्यप्रदेश के 35 जिलों में सूखे जैसे हालात
एक ओर जहां पूर्वी भारत में बारिश बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, वहीं मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मानसून अभी भी कमजोर बना हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल सहित करीब 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। लगातार कम वर्षा के कारण खेती-किसानी प्रभावित हो रही है और कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने पर इन इलाकों में भी बारिश हो सकती है।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से बढ़ी मुश्किलें
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में प्राकृतिक आपदाओं से 1.02 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। कई सड़कों के बंद होने से राहत एवं बचाव कार्यों में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं।
असम के 99 गांव बाढ़ की चपेट में
असम में भी भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। राज्य के 6 जिलों के 99 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां 37 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और प्रशासन द्वारा राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।
अगले दो दिन रहेंगे अहम
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे देश के कई राज्यों के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम यदि और मजबूत होता है तो पूर्वी और उत्तरी भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में पहले से जारी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की दोबारा सक्रियता से जहां कई राज्यों में बारिश की कमी दूर हो सकती है, वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त वर्षा राहत कार्यों के लिए नई चुनौतियां भी खड़ी कर सकती है। ऐसे में मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी होगा।