खाटूश्यामजी। राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में हर दिन हजारों श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने ई-रिक्शा संचालन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब नगर क्षेत्र में चलने वाले सभी ई-रिक्शों का अनिवार्य पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) होगा। प्रत्येक वाहन को निर्धारित रूट के अनुसार कलर-कोड और यूनिक स्टिकर जारी किए जाएंगे, जिससे उनकी पहचान और निगरानी आसान हो सकेगी। नई व्यवस्था के तहत ई-रिक्शा केवल तय किए गए रूट पर ही चल सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, किराए पर चल रहे ई-रिक्शों के संचालन पर भी रोक लगाने का फैसला लिया गया है।
क्यों बदले गए ई-रिक्शा संचालन के नियम?
थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ समय में ई-रिक्शों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। खासकर त्योहारों, एकादशी और विशेष मेलों के दौरान श्रद्धालुओं को भारी जाम का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था का उद्देश्य यातायात को व्यवस्थित करना, भीड़ नियंत्रण आसान बनाना और श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराना है।
पांच नए रूट किए गए निर्धारित
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए पुलिस ने ई-रिक्शा संचालन के पांच निर्धारित रूट तय किए हैं।
रूट नंबर-1
25 बीघा सरकारी पार्किंग → मेला डायवर्जन → होटल खाटूश्यामजी पैलेस → शनि मंदिर → लामियां तिराहा
रूट नंबर-2
रोडवेज बस स्टैंड → संस्कृत स्कूल → अलोदा तिराहा → थाना मोड़ → पीडब्ल्यूडी मोड़ → शंभू शेखावत की चेन
रूट नंबर-3
25 बीघा सरकारी पार्किंग → सागर पाइप फैक्ट्री → नगर पालिका के पीछे → रोडवेज चौराहा → संस्कृत स्कूल → अलोदा तिराहा → पीडब्ल्यूडी मोड़
रूट नंबर-4
सांवलपुरा पार्किंग → अलोदा तिराहा → पीडब्ल्यूडी मोड़
रूट नंबर-5
सीतारामपुरा की जोहड़ी → लामियां तिराहा → लखदातार मैदान
ई-रिक्शा चालकों के लिए नए नियम
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब सभी चालकों को नई गाइडलाइन का पालन करना होगा।
सभी ई-रिक्शों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
प्रत्येक वाहन को रूट के अनुसार कलर-कोड और यूनिक स्टिकर मिलेगा।
केवल निर्धारित रूट पर ही वाहन चलाने की अनुमति होगी।
तय रूट से बाहर संचालन करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
केवल पंजीकृत मालिक ही अपना ई-रिक्शा चला सकेगा।
किराए पर वाहन देकर संचालन कराने पर रोक रहेगी।
बाहरी ई-रिक्शों के लिए क्या हैं नियम?
प्रशासन ने बाहरी क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की है।
केवल गोल्डन वाटर पार्क डायवर्जन तक प्रवेश मिलेगा।
शहर के मुख्य बाजार और मंदिर क्षेत्र में संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
भीड़भाड़ वाले दिनों में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को क्या होगा फायदा?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम कम होने, ई-रिक्शों की अनियंत्रित आवाजाही पर रोक लगने और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक सुगम आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि रूट आधारित संचालन से भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था भी पहले से अधिक प्रभावी होगी।