भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश ने निवेश के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नई दिल्ली में आयोजित 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' और भारत टेक्स-2026 के माध्यम से प्रदेश को कुल 20,193 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेश प्रस्तावों से करीब 27,592 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने वाले निवेशकों को कुशल श्रमिक, बेहतर संसाधन और सुरक्षित औद्योगिक वातावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लेबर की कोई कमी नहीं है और यहां के लोग अपने काम के प्रति पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता रखते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 जुलाई को नई दिल्ली स्थित होटल द लीला पैलेस में आयोजित निवेश सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कई उद्योगपतियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश को लेकर एमओयू और प्रस्तावों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।
मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल: सीएम डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राज्यों को विकास के समान अवसर उपलब्ध कराए हैं और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार किया है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी उद्योग और व्यापार को प्राथमिकता देते हुए निवेशकों के लिए नीतियों को आसान बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य के विकास और जनकल्याण के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में बेहतर नीतियां, सुविधाएं और आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है।
टेक्सटाइल सेक्टर में मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कपास और ऑर्गेनिक कपास उत्पादन में देश में अग्रणी है। प्रदेश में टेक्सटाइल, गारमेंट और अपेरल उद्योग के लिए बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में इंडस्ट्रियल पार्कों की स्थापना तेजी से हो रही है और कई बार भूमि पूजन के साथ ही निवेशकों को प्लॉट आवंटित किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में प्रदेश को करीब 33 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं और काम शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है और प्रदेश सरप्लस बिजली वाला राज्य है। इसके अलावा कुशल श्रमिक, एमएसएमई, फार्मा, माइनिंग, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में विकास की बड़ी संभावनाएं हैं।
निवेशकों को मिल रही कई सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण निवेशकों को कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई निवेशक प्रदेश में एक रुपये का निवेश करता है तो उसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बड़ी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने पर श्रमिकों के वेतन के लिए निवेशकों को पांच साल तक प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये तक आर्थिक सहायता दी जा रही है।इसके अलावा प्रदेश में पर्याप्त लैंड बैंक, बिजली-पानी की उपलब्धता, फूड पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, मल्टी मॉडल पार्क और बेहतर सड़क नेटवर्क निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 5 लाख किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क, मजबूत रेलवे कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट और बेहतर एक्सप्रेसवे जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
भारत टेक्स-2026 से मिले 1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 में मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग को लेकर विशेष चर्चा हुई। इसमें पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, निर्यात बढ़ाने, कौशल विकास और निवेश संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।इस आयोजन में मध्यप्रदेश को करीब 1,592 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे लगभग 15,700 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।इसके अलावा एमपीआईडीसी ने निर्यात संवर्धन, ई-कॉमर्स, वैश्विक व्यापार, एमएसएमई और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सात महत्वपूर्ण एमओयू किए।
दिल्ली निवेश संवाद में मिले 18,601 करोड़ रुपये के प्रस्ताव
दिल्ली में आयोजित निवेश संवाद के दौरान रक्षा, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इंजीनियरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और खिलौना उद्योग जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
इन क्षेत्रों में करीब 18,601 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे लगभग 11,892 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों और साझेदारियों के माध्यम से मध्यप्रदेश देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
धार पीएम मित्र पार्क बना निवेश का बड़ा केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2025 को मध्यप्रदेश के धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की सौगात दी थी। गारमेंट सेक्टर के इस पार्क में 90 प्रतिशत भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि पीएम मित्र पार्क के आसपास भी निवेशक उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में कच्चे माल की उपलब्धता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण दुनिया भर के निवेशक आकर्षित हो रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर सेक्टर में मध्यप्रदेश तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। उद्योगों को आर्थिक सब्सिडी, बिजली सुविधा, भूमि आवंटन और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
मध्यप्रदेश बनेगा निवेश का नया केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति, संसाधनों और बेहतर औद्योगिक नीतियों के कारण देश-विदेश के निवेशकों की पसंद बन रहा है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से प्रदेश में और बड़े निवेश आने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के माध्यम से प्रदेश को विकसित भारत-2047 के संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला राज्य बनाया जाए।