सीबीआई ने सोमवार (17 अप्रैल) को शिक्षा भर्ती घोटाले में पूछताछ के लिए टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को तलब किया। उन्हें कल, मंगलवार (18 अप्रैल) को कोलकाता के निजाम पैलेस में पेश होने के लिए समन भेजा गया है। सीबीआई से समन मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा है।
Abhishek Banerjee ने ट्वीट कर बीजेपी पर साधा निशाना
अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट किया, "बीजेपी ने मुझे परेशान करने और निशाना बनाने की अपनी हताशा में सीबीआई और ईडी को अदालत की अवमानना करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सुबह कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें केंद्रीय एजेंसियों को मुझे समन करने की अनुमति दी गई थी। फिर भी आज दोपहर 1:45 बजे समन दिया गया। गंभीर स्थिति है।"
In its desperation to ‘harass’ and ‘target’ me, BJP EXPOSES CBI & ED to CONTEMPT OF COURT!
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) April 17, 2023
SC stayed the Calcutta HC’s order in the morn that granted permission to the Central Agencies to summon me.
Yet, the ‘SUMMON’ was HAND-DELIVERED today at 1:45 pm
Grave State of affairs! pic.twitter.com/p7wVT4Eycq
CBI ने TMC नेता को भेजा समन
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षक भर्ती में संदिग्ध भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पूछताछ रोकने के कुछ ही घंटे बाद सीबीआई ने तलब किया। मुख्यमंत्री के करीबी तृणमूल राजनेता अनुब्रत मंडल को पिछले साल जुलाई में इसी मामले में हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा, शिक्षक भर्ती घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में हिरासत में लिए गए टीएमसी विधायक जीबन कृष्णा साहा को सोमवार को 4 दिन की सीबीआई रिमांड पर रखा गया है।
24 अप्रैल को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
13 अप्रैल को कलकत्ता हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि जरूरत पड़ने पर ईडी और सीबीआई अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर सकती है। हाईकोर्ट ने बंगाल पुलिस को यह भी निर्देश दिया था कि मामले की जांच कर रहे सीबीआई और ईडी अफसरों पर कोई एफआईआर दर्ज न की जाए। अभिषेक बनर्जी ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने दोनों आदेशों पर रोक लगा दी है। साथ ही अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख तय की है। कहा है कि तब तक जांच एजेंसियां अभिषेक से पूछताछ नहीं कर सकेंगी।
क्या है शिक्षा भर्ती घोटाला ?
2014 में पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती निकाली थी। उस वक्त पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे। 2016 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। इस मामले में कई गड़बड़ी की शिकायतें आईं तो हाईकोर्ट में मामला पहुंचा। सीबीआई ने 30 सितंबर को पहली चार्जशीट दाखिल की। इसमें पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चाटर्जी समेत 16 लोगों के नाम थे। ईडी ने पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। पार्थ चटर्जी 23 जुलाई 2022 से जेल में हैं।
Read More: CM केजरीवाल ने विधानसभा में बताया – चौथी पास राजा ने दोस्त संग मिलकर देश को कैसा लूटा
Comments (0)