Turkey: तुर्की (Turkey) में बीते दिन भूकंप (Earthquake) के तीन भयानक झटके महसूस किए गए थे। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार, पहले भूकंप (Earthquake) का केंद्र कहरामनमारस प्रांत के गाजियांटेप शहर से 30 किलोमीटर दूर और जमीन से करीब 24 किलोमीटर नीचे था। स्थानीय समय के अनुसार, ये भूकंप सुबह 4:17 बजे आया। 6.7 तीव्रता का दूसरा झटका 11 मिनट बाद आया, जिसका केंद्र जमीन से 9.9 किलोमीटर नीचे था। इसके 19 मिनट बाद यानी 4:47 बजे 5.6 तीव्रता का तीसरा भूकंप (Earthquake) भी आया। भूकंप से बुरी तबाह हो चुके तुर्की के लिए भारत ने मदद भेजी है। मंगलवार सुबह गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से NDRF कर्मियों की एक टीम तुर्की के लिए रवाना हो गई। टीम अपने साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और आवश्यक उपकरणों को राहत-बचाव कार्य के लिए ले गई है।
अब तक 4,000 से ज्यादा लोग मारे गए
मीडिया से बात करते हुए NDRF के डिप्टी कमांडेंट दीपक तलवार ने कहा कि टीम में 47 NDRF कर्मी और 3 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वहां दो टीमों को जाना है। पहली टीम के रवाना होने के बाद दूसरी टीम भी जल्द रवाना होगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के दिशानिर्देश के अनुसार, वहां रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। दरअसल, तुर्की और सीरिया में घातक भूकंपों की वजह से अब तक 4,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
अरिंदम बागची ने कहा
इस बीच विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक ट्वीट में कहा, “भारत की मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) क्षमताएं कार्रवाई में हैं। भूकंप राहत सामग्री का पहला जत्था विशेष रूप से प्रशिक्षित एनडीआरएफ टीम डॉग स्क्वायड, चिकित्सा आपूर्ति, ड्रिलिंग मशीन और अन्य आवश्यक उपकरण के साथ तुर्की के लिए रवाना हुआ है।
साउथ ब्लॉक में बैठक की
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने तत्काल राहत उपायों पर चर्चा के लिए साउथ ब्लॉक में बैठक की। बैठक में फैसला किया गया कि एनडीआरएफ की खोज और बचाव दल को राहत सामग्री के साथ तुर्की भेजा जाएगा। PMO ने कहा, “मेडिकल टीमों को आवश्यक दवाओं के साथ प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के साथ तैयार किया जा रहा है। तुर्की सरकार और अंकारा में भारतीय दूतावास और इस्तांबुल में महावाणिज्य दूतावास के समन्वय से राहत सामग्री भेजी जाएगी।
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