iNCOVACC: गणतंत्र दिवस (Republic day) के मौके पर देश को एक नई वैक्सीन मिली है। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Health Minister Mansukh Mandaviya), विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने गुरुवार 26 जनवरी को भारत बायोटेक की नेजल कोविड वैक्सीन iNCOVACC को लॉन्च कर दिया है। भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की तरफ से बनाई गई ये वैक्सीन सरकार को 325 रुपये प्रति खुराक में उपलब्ध होगी, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में इसकी कीमत 800 रुपये होगी। हीट्रोलोगस बूस्टर के लिए ये दुनिया की पहली इंट्रानेजल कोविड वैक्सीन है।
हीट्रोलोगस बूस्टर के रूप में मंजूरी मिली
भारत बायोटेक (Bharat Biotech) को दिसंबर 2022 में प्राथमिक 2-खुराक और हीट्रोलोगस बूस्टर के रूप में मंजूरी मिली थी। इससे पहले केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने 18 साल और उससे ज्यादा आयु वर्ग के लिए आपातकालीन स्थितियों में इंट्रानेजल वैक्सीन के प्रतिबंधित उपयोग को मंजूरी दी थी।
भारत बायोटेक ने कोरोना की पहली स्वदेशी वैक्सीन तैयार की थी
नेजल वैक्सीन को भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के साथ मिलकर बनाया है। बता दें कि भारत बायोटेक ने ही कोरोना की पहली स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन को भी तैयार किया था। भारत बायोटेक ने नाक से दी जाने वाली इस नेजल वैक्सीन का नाम iNCOVACC रखा है। पहले इसका नाम BBV154 था। इस वैक्सीन को नाक के द्वारा शरीर में पहुंचाया जाता है। शरीर में जाते ही यह वैक्सीन कोरोना के इन्फेक्शन और ट्रांसमिशन दोनों को ब्लॉक करती है।
नेजल स्प्रे की तरह
फिलहाल हमें मांसपेशियों में इंजेक्शन के द्वारा वैक्सीन लगाई जा रही है। इस वैक्सीन को इंट्रामस्कुलर वैक्सीन कहते हैं। नेजल वैक्सीन वो होती है जिसे नाक के जरिए दिया जाता है। क्योंकि ये नाक के द्वारा दी जाती है इसलिए इसे इंट्रानेजल वैक्सीन कहा जाता है। यानी इसे इंजेक्शन से देने की जरूरत नहीं है और न ही ओरल वैक्सीन की तरह ये पिलाई जाती है। यह एक तरह से नेजल स्प्रे जैसी है। इसमें इन्फेक्शन का खतरा नहीं है। इसे देने वाले हेल्थकेयर वर्कर्स को भी खास ट्रेनिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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