New Delhi: आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर बड़ा एलान हुआ है। सीएम जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि विशाखापट्टनम आंध्र प्रदेश (Andhrapradesh New Capital) की नई राजधानी होगी। रेड्डी ने मंगलवार को दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय राजनयिक गठबंधन की बैठक में प्रदेश की नई राजधानी का एलान किया।
सीएम ने ये कहा
जगन रेड्डी ने कहा, "यहां मैं आपको विशाखापट्टनम में आमंत्रित करना चाहता हूं, जो आने वाले दिनों में हमारे प्रदेश की राजधानी होगी। मैं भी आने वाले कुछ महीनों में विशाखापट्टनम में शिफ्ट हो जाऊंगा।
10 साल बाद बन रही अलग राजधानी
दरअसल, 2014 में तेलंगाना को आंध्र प्रदेश (Andhrapradesh New Capital) से अलग किए जाते वक्त हैदराबाद को 10 साल के लिए दोनों राज्यों की साझा राजाधानी घोषित किया गया था। यह समयावधि पूरी होने के बाद में हैदराबाद को तेलंगाना को सौंपे जाने का निर्णय हुआ। ऐसे में आंध्र प्रदेश को 2024 से पहले ही राजधानी का एलान करना था।
3 शहरों के नाम थे शामिल
इससे पहले 23 अप्रैल 2015 को चंद्रबाबू नायडू की तेदेपा सरकार ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की अगली राजधानी घोषित किया था। इसके बाद 2020 में जगन सरकार ने ही आंध्र प्रदेश की तीन राजधानियां होने की बात कही थी। इनमें अमरावती, विशाखापत्तनम और कुरनूल का नाम सामने आया था। हालांकि, बाद में वाईएसआर कांग्रेस सरकार ने यह फैसला वापस ले लिया था और अमरावती को ही राजधानी बनाने की बात कही थी।
गौरतलब है कि वाईएसआर कांग्रेस लगातार तेदेपा पर अमरावती में जमीन घोटाले के आरोप लगाती रही है। खासकर तेदेपा प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस विवाद के केंद्र में रहे हैं। इस कथित घोटाले को लेकर रेड्डी सरकार ने सीबीआई जांच की मांग भी की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अमरावती में कई लोकेशन्स के बारे में पहले से ही कार्य योजना का खुलासा हो गया था। हालांकि, चंद्रबाबू नायडू ने ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।
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