RBI ने अपनी पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है, जिससे ग्राहकों को अब सीधा फायदा पहुंचेगा। दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक डिजिटल पेमेंट को वेरिफाई करने के लिए एक नए तरीके पर काम कर रहा है।
क्या कहा आरबीआई गर्वनर ने
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि वर्तमान में SMS आधारित OTP का उपयोग कर ट्रांजैक्शन को वेरिफाई किया जाता है लेकिन प्रिंसिपल बेस्ड ऑथेंटिकेशन के फ्रेमवर्क पर भी काम हो रहा है। इसके जरिए ग्राहकों के ट्रांजैक्शन को अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकेगी।
बताया जा रहा है कि आरबीआई ने डिजिटल करेंसी पर बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब इसका इस्तेमाल ऑफलाइन भी किया जा सकेगा। वहीं आरबीआई गवर्नर ने कहा कि जल्द ही सीमित इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों भी ई-रुपये के जरिये लेनदेन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन क्षमता को केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) पायलट प्रोजेक्ट पर पेश किया जाएगा।
इसका मतलब है कि डिजिटल रुपये के यूजर्स सीमित इंटरनेट कनेक्शन वाले क्षेत्रों में भी ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। बता दें कि आरबीआई ने दिसंबर, 2022 में खुदरा सीबीडीसी की प्रायोगिक शुरुआत की थी। इसने दिसंबर, 2023 में एक दिन में 10 लाख लेनदेन का लक्ष्य हासिल कर लिया था।
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