Venugopal Dhoot: बॉम्बे हाई कोर्ट ने वीडियोकॉन (videocon) ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot) को ICICI बैंक-वीडियोकॉन लोन मामले में अंतरिम राहत दी है। सीबीआई (CBI) ने 26 दिसंबर 2022 को वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot) को गिरफ्तार किया था। सीबीआई (CBI) ने दावा किया था कि धूत जांच से बचने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद धूत ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और उन्होंने अंतरिम जमानत मांगी थी।
धूत ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया था
दरअसल वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot) के वकील ने कथित बैंक लोन घोटाले मामले में दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की थी। वेणुगोपाल धूत ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया था। धूत के वकील ने कोर्ट में कहा था कि धूत के हार्ट में 99 फीसदी ब्लॉकेज है। ऐसे स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्हें जमानत देने की मांग की गई थी। वकील ने पिछली सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी पर उठाते हुए पूछा कि इतने सालों बाद गिरफ्तारी क्यों की गई है?
क्या था मामला
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 26 दिसंबर, 2022 को ICICI लोन धोखाधड़ी मामले में वीडियोकॉन समूह के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot) को गिरफ्तार किया है। इसी मामले में सीबीआई (CBI) ने ICICI बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर और उनके पति को भी गिरफ्तार किया था। चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर की मदद से कथित तौर पर ICICI बैंक को धोखा देने के मामले में धूत की सीबीआई (CBI) द्वारा जांच की जा रही थी। यह मामला बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को दिए गए ऋण में कथित धोखाधड़ी और अनियमितताओं से संबंधित है। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि ICICI बैंक ने वेणुगोपाल धूत द्वारा प्रवर्तित वीडियोकॉन की कंपनियों को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, आरबीआई के दिशानिर्देशों और बैंक की क्रेडिट नीति का उल्लंघन करते हुए 3,250 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधाएं मंजूर कीं।
जमानत याचिका को खारिज कर दिया था
मुंबई की एक विशेष अदालत ने 5 जनवरी, 2023 को वेणुगोपाल धूत की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। इससे पहले 9 जनवरी 2023 को बॉम्बे हाई कोर्ट से ICICI बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर और उनके पति दीपक को जमानत मिल चुकी है
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