budget session 2023: आज से संसद का बजट सत्र (budget session 2023) शुरू होने जा रहा है। अब से कुछ ही देर बाद सुबह 11 बजे से बजट सत्र शुरु हो जाएगा। बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) के अभिभाषण से होगी। संसद के सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही शुरु होगी। जिसमें दिवंगत नेताओं जिसमें शरद यादव और संतोष सिंह चौधरी को श्रद्वांजलि दी जायेगी।
इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (nirmala sitharaman) इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी। 1 फरवरी यानी कल संसद में आम बजट पेश किया जाएगा। यह मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट है।
दूसरे कार्यकाल का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा
गौरतलब है कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा। दरअसल 2024 में लोकसभा चुनाव होने को है। इसलिए उसके पहले सरकार 2024 में अंतरिम बजट ही पेश कर पाएगी। जबकि चुनाव के बाद पूर्ण बजट पेश होगा। अब इस बजट में केंद्र सरकार चुनावी मौसम वाला बजट पेश कर सभी वर्गों को खुश करने के मोड में हैं। आपको बात दें कि नया संसद भवन बनकर लगभग तैयार हो चुका है। हालांकि इस सत्र की बैठकें पुराने संसद भवन में ही होंगी। लेकिन माना जा रहा है कि संसद की अगली बैठक नए भवन में आयोजित हो सकती है।
सर्वदलीय बैठक हुई
बता दें कि बजट से पहले सोमवार को सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में 27 दलों के 37 नेता मौजूद रहे। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बैठक अच्छी रही। हम सदन को बेहतर ढंग से चलाने के लिए विपक्ष का सहयोग चाहते हैं। हम सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
क्यों होता है इकोनॉमिक सर्वे
जिस तरह से हम रोज के खर्चों के हिसाब-किताब के लिए डायरी बनाते है जिससे महीने या साल के आखिर में पता चलता है कि कितना कमाया, कितना बचाया और कहां-कितना खर्च हुआ और आगे के खर्चों का अनुमान लगाते हैं ठीक वैसे ही इकोनॉमिक सर्वे देश की आर्थिक हालत का लेखा-जोखा होता है। एक साल में सरकार ने कितना पैसा जमा किया और कहां-कहां खर्च किया, इसका वर्णन इकोनॉमिक सर्वे में होता है। इससे देश की इकोनॉमी की हालत पता चलती है और कई संभावनाओं को ध्यान में रखकर अगले साल के खर्चों का एक अनुमान तैयार किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो इकोनॉमिक सर्वे में बीते साल का हिसाब-किताब और आने वाले साल के लिए सुझाव, चुनौतियां और समाधान का जिक्र रहता है।
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