भारत में साइबर फ्रॉड के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। इसका मुख्य कारण डिजिटल पेमेंट का बढ़ता उपयोग है, जो अक्सर बिना सही जानकारी के किया जाता है। इस साल मई तक, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 9.5 लाख से अधिक ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतें दर्ज की गई हैं, जो दर्शाती हैं कि साइबर अपराधियों के हौसले कितने बढ़ गए हैं। हालांकि, इन मामलों में अक्सर लोगों की भी गलतियां होती हैं। यदि आप डिजिटल या ऑनलाइन पेमेंट का उपयोग करते हैं, तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
डिजिटल अरेस्ट
हाल के दिनों में डिजिटल अरेस्ट के कई मामले सामने आए हैं। साइबर क्रिमिनल्स फर्जी CBI या अन्य अधिकारियों का रूप धारण करके ऑडियो-वीडियो कॉल करते हैं और कहते हैं कि आपको डिजिटल अरेस्ट किया जाएगा। ऐसे कॉल्स को तुरंत इग्नोर करें और किसी भी प्रकार की जानकारी साझा न करें।
वर्क फ्रॉम होम
कोरोना महामारी के बाद वर्क फ्रॉम होम कल्चर में तेजी आई है, लेकिन साइबर अपराधियों ने इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया है। वे लोगों को फर्जी नौकरी या प्रोजेक्ट का झांसा देकर ठगी करते हैं। हमेशा सुनिश्चित करें कि आप जिस प्रस्ताव को देख रहे हैं, वह वैध है।
KYC अपडेट
साइबर अपराधी अक्सर KYC अपडेट के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करते हैं। वे आपको फर्जी कॉल्स या मैसेज के माध्यम से एक लिंक भेजते हैं, जिससे आपसे आपकी संवेदनशील जानकारी चुराई जा सकती है। कभी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
गलत अकाउंट में पैसे भेजना
आपको कॉल करके कहा जा सकता है कि गलती से आपके अकाउंट में उनका पैसा आ गया है। फिर, आपको फर्जी मैसेज भेजकर यकीन दिलाने की कोशिश की जाएगी। ऐसी स्थिति में, हमेशा अपने बैंक से संपर्क करें और स्थिति की पुष्टि करें।
फेक स्टॉक इन्वेस्टमेंट और टैक्स रिफंड
साइबर अपराधी फेक स्टॉक इन्वेस्टमेंट, फर्जी टैक्स रिफंड, और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से धोखाधड़ी कर रहे हैं। इसके अलावा, कुरियर एड्रेस अपडेट के नाम पर भी लोगों को लूटने की कोशिश की जाती है।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें
कभी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, चाहे वह ईमेल, एसएमएस या सोशल मीडिया के माध्यम से आया हो। ये लिंक आपके डिवाइस में वायरस डालने या आपकी जानकारी चुराने के लिए हो सकते हैं।
दो-चरणीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें
अपने सभी ऑनलाइन अकाउंट्स पर दो-चरणीय प्रमाणीकरण (2FA) को सक्रिय करें। इससे आपकी सुरक्षा बढ़ जाती है और साइबर अपराधियों के लिए आपके अकाउंट तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
पासवर्ड की सुरक्षा
अपने पासवर्ड को मजबूत और अद्वितीय बनाएं। अलग-अलग अकाउंट्स के लिए एक जैसा पासवर्ड न रखें। नियमित रूप से अपने पासवर्ड को बदलते रहें।
किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले सोचें
किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से पहले सावधानी बरतें। हमेशा चेक करें कि जानकारी मांगने वाला व्यक्ति या संस्था सही है या नहीं।
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