अवैध बिजली उपयोग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, बिजली विभाग ने मथुरा (Mathura) में शाही ईदगाह परिसर (Shahi Idgah Mosque) में अवैध बिजली कनेक्शन पकड़ा है। इसके बाद विभाग ने FIR दर्ज कराते हुए ईदगाह इंतजामिया कमेटी के सचिव से तीन लाख रुपये का बिल और जुर्माना भी वसूला है। इस कार्रवाई की पुष्टि सरकारी बयान में रविवार को हुई।
बयान के अनुसार, मथुरा जिला प्रशासन और पुलिस के साथ ही विद्युत प्रवर्तन दल की संयुक्त टीम ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए ईदगाह परिसर में अवैध बिजली कनेक्शन को काट दिया। इसके अलावा अवैध बिजली प्रयोग के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत कृष्णा नगर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई।
4 किलोवाट का अवैध कनेक्शन छापे के दौरान मिला
कार्रवाई की पुष्टि करते हुए मथुरा के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (शहरी) पवित्रा खत्री ने बताया कि इस मामले में ईदगाह प्रबंधन के खिलाफ दर्ज शिकायत के संबंध में दिशा-निर्देशों के अनुरूप ईदगाह के खिलाफ कार्रवाई की गयी और गड़बड़ी पाये जाने पर कानूनी कार्रवाई की गयी है। पवित्रा खत्री के अनुसार शाही ईदगाह परिसर (Shahi Idgah Mosque) में करीब चार किलोवाट का अवैध बिजली कनेक्शन पाया गया है। जिसके बाद ईदगाह इंतजामिया कमेटी के सचिव तनवीर अहमद से तीन लाख रुपये का बिल व जुर्माना वसूला गया।
क्या है पूरा मामला ?
मथुरा में पूरा मामला शाही ईदगाह मस्जिद की 13.37 एकड़ जमीन को लेकर है। हिंदू पक्ष का कहना है कि केशवदेव के मंदिर को तोड़ने के बाद यहां टीला बन गया था। 1803 में अंग्रेज मथुरा आए और उन्होंने 1815 में कटरा केशवदेव की जमीन को नीलाम कर दिया। हिंदू पक्ष का कहना है कि इस जमीन को बनारस के राजा पटनीमल ने 1410 रुपये में खरीदा था। वह इस जमीन पर मंदिर बनाना चाहते थे। दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष का कहना है कि अंग्रेजों ने जिस जमीन की नीलामी की थी उसमें से कुछ हिस्सा मुस्लिम को भी सौंपा था। इसी जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है।
राहुल गांधी का विवादित बयान, बोले – कांग्रेस तपस्वियों की पार्टी, CM योगी मामूली ठग
Comments (0)