यूपी - बिहार के शिक्षामंत्री चंद्रशेखर ने हाल ही में हिंदुओं के पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस (Ramcharitmanas) को लेकर दिए अपमानजनक बयान पर विवाद अभी थमा ही नहीं था कि, अब समाजवादी पार्टी के नेता ने इस विवाद को हवा देने वाला बयान दे दिया है। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि, रामचरितमानस (Ramcharitmanas) में शूद्रों का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि, ऐसी पुस्तकों से इन दोहों, चौपाइयों को हटाना चाहिए या फिर इन्हें बैन करना चाहिए।
Ramcharitmanas बकवास है - सपा नेता
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि, धर्म कोई भी हो, हम उसका सम्मान करते हैं, लेकिन धर्म के नाम पर जाति विशेष, वर्ग विशेष को अपमानित करने का कार्य किया गया है। हम उस जाति पर आपत्ति दर्ज कराते हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि, करोड़ों लोग रामचरितमानस को नहीं पढ़ते, सब बकवास है। यह तुलसीदास ने अपनी खुशी के लिए लिखा है। सरकार को इस पर संज्ञान लेना हुए रामचरितमानस में जो आपत्तिजनक हिस्से है, उसे बाहर करना चाहिए या इस पूरी ही पुस्तक को बैन कर देना चाहिए।
मौर्य के बयान के बाद विरोध शुरू
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस दौरान रामचरितमानस की कुछ पंक्तियों का हवाला देते हुए कहा कि, ब्राह्मण चाहे गुणहीन ही हो, उसकी पूजा करनी चाहिए। वहीं, शूद्र चाहे वेद भी जानता हो वह पूजनीय नहीं है। क्या यही धर्म है? करोड़ों लोग रामचरितमानस को नहीं गाते हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान के बाद विरोध भी शुरू हो गया है। बयान को लेकर कई लोगों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है।
अपर्णा यादव ने क्या कहा
सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस के बयान पर बीजेपी नेता और मुलायम सिंह यादव की बहु अपर्णा यादव ने कहा कि, राजनीति गर्म करने के लिए ऐसी टिप्पणी जो कर रहा है, वह अपना ही चरित्र दिखा रहा है। शबरी के जूठे बेर खाकर श्रीराम ने कास्ट बैरियर को तोड़ा। राम भारत का चरित्र हैं और राम किसी एक धर्म या मजहब के नहीं हैं।
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