दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक नई रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि जीरो बिजली बिल प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या घटकर 17 लाख से भी कम हो गई है। यह स्थिति तब है जब दिल्ली सरकार हर महीने 200 यूनिट तक की बिजली मुफ्त देने का दावा करती है।
दिल्ली सरकार की योजना
दिल्ली सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को प्रति माह 200 यूनिट तक की बिजली मुफ्त मिलती है। यदि किसी उपभोक्ता की खपत 400 यूनिट तक जाती है, तो उन्हें उस खपत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ भी मिलता है। सरकार का कहना है कि यह योजना देश की पहली है और इसका उद्देश्य आम आदमी को बिजली की बढ़ती कीमतों से राहत प्रदान करना है।
जीरो बिल प्राप्त करने वालों की स्थिति
हालांकि, आंकड़ों के अनुसार, जून में जीरो बिल पाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 17 लाख थी, लेकिन जुलाई और अगस्त में यह संख्या क्रमशः 16.67 लाख और 16.72 लाख तक गिर गई। यह संकेत देता है कि बहुत से लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
बिजली बिलों का वितरण
दिल्ली में कुल 59 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 70 प्रतिशत से अधिक लोग हर महीने 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक का बिल भरते हैं। करीब 40 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं, जो 2000 रुपये से अधिक का मासिक बिल चुकाते हैं। वहीं, 14 प्रतिशत उपभोक्ता 1000 से 2000 रुपये के बीच का बिल भरते हैं। दिल्ली के बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मई में 13,44,278 उपभोक्ताओं ने 2000 रुपये से अधिक का बिल भरा था।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रवक्ता ने दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना की आलोचना की है, यह कहते हुए कि यह योजना केवल एक छोटे वर्ग को ही लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ता और सभी कमर्शियल कंज्यूमर एक बड़े प्रतिशत में बिजली बिलों के भुगतान के लिए मजबूर हैं। भाजपा ने यह भी वादा किया है कि अगर वह 2025 में दिल्ली में सत्ता में आती है, तो वह सभी उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का संकल्प लेगी। इसके साथ ही, कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली दरों की पेशकश करने का वादा किया गया है।
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