साल का पहला सूर्य ग्रहण शुरू हो चुका है। यह सूर्य ग्रहण बेहद (SURYA GRAHAN)खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार एक ही दिन में तीन तरह का सूर्य ग्रहण दिखेगा, जिसे वैज्ञानिकों ने हाइब्रिड सूर्य ग्रहण का नाम दिया है। इनमें आंशिक, पूर्ण और कुंडलाकार सूर्य ग्रहण शामिल होंगे। ज्योतिष में ग्रहण को अशुभ घटनाओं में गिना जाता है। इस वजह से ग्रहण के दौरान शुभ कार्य और पूजा पाठ(SURYA GRAHAN) वर्जित माने जाते हैं। भारत में यह सूर्य ग्रहण नहीं दिख रहा है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में यह सूर्य ग्रहण दिखना शुरू हो चुका है। यह ग्रहण सुबह 7 बजकर 4 मिनट से शुरू हो चुका है और दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर खत्म होगा। यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल नहीं माना जाएगा।
कब लगता है सूर्य ग्रहण ?
सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और पृथ्वी पर छाया डालता है। इस अवस्था में वो सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह या आंशिक रूप से ढक लेता है। कंकणाकृति सूर्य ग्रहण मिला जुला सूर्य ग्रहण माना जाता है जिसमें ग्रहण एक कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के रूप में शुरू होता है फिर धीरे-धीरे यह पूर्ण सूर्य ग्रहण में बदल जाता है और फिर वापस आकर कुंडलाकार सूर्य ग्रहण में बदल जाता है।
किन जगहों पर दिखाई देगा?
सूर्य ग्रहण कंबोडिया, चीन, अमेरिका, माइक्रोनेशिया, मलेशिया, फिजी, जापान, समोआ, सोलोमन, बरूनी, सिंगापुर, थाईलैंड, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वियतनाम, ताइवान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, दक्षिण हिंद महासागर और दक्षिण प्रशांत महासागर जैसी जगहों पर ही दिखाई देगा।
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