ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। जीआरपी ने कहा कि ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना में शामिल कोरोमंडल एक्सप्रेस से बरामद लगभग 40 शवों पर कोई चोट के निशान नहीं थे। माना जा रहा है कि करंट लगने से उनकी मौत हुई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई शव पहचानने लायक भी नहीं थे लेकिन उन्हीं में से 40 ऐसे शव थे, जिनमें कोई चोट के निशान नहीं मिले।
कई यात्रियों ने करंट लगने के कारण तोड़ा दम
बालासोर के राजकीय रेलवे पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर में संकेत दिया गया है कि दुर्घटना के समय ओवरहेड तार कुछ कोचों में उलझ कर टूट गए थे। इसके कारण उनमें फंसे यात्रियों को करंट लग गया था। पुलिस सब-इंस्पेक्टर, पी कुमार नायक ने एफआईआर में कहा, “कई यात्रियों ने ओवरहेड एलटी (लो टेंशन) लाइन के संपर्क में आने के बाद टक्कर और करंट लगने के कारण दम तोड़ दिया।“CBI ने शुरू की जांच
मंगलवार (6 जून) को सीबीआई ने बालासोर ट्रेन दुर्घटना पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। टीम ने कहा कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ सीबीआई अधिकारियों की एक टीम ओडिशा के बालासोर जिले में पहुंची। सीबीआई ने मंगलवार की दोपहर ही एफआईआर दर्ज करके तुरंत जांच शुरू कर दी।इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ हुई छेड़छाड़
ओडिशा के बालासोर जिले में बाहानगा बाजार स्टेशन के पास बीते शुक्रवार (2 जून) को ट्रेन हादसा हुआ था। यहां तीन ट्रनों की भयानक टक्कर हो गई थी। शुरूआती जांच के बाद रेल मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़ की संभावना जताई है। अधिकारियों को दुर्घटना के पीछे छेड़छाड़ का शक है।Read More: दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को एअर इंडिया फ्लाइट के इंजन में आई खराबी, रूस में हुई आपातकालीन लैंडिंग
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