Haj pilgrims: इस वर्ष भारत को हज (Haj) के लिए लगभग 1.75 लाख का कोटा दिया गया है। नई हज नीति (Haj Policy) के तहत कुल कोटा का 90 फीसदी हज कमेटी ऑफ इंडिया को आवंटित किया जाएगा और शेष निजी ऑपरेटरों को आवंटित किया जाएगा। हालांकि, सरकार ने अभी तक हज के लिए आवेदन नहीं खोले हैं। नई नीति के तहत महिलाओं, बच्चों, विकलांग व्यक्तियों और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को हज नीति (Hajj 2023) जारी की है।
हज पॉलिसी 2023 के अनुसार, इस बार आवेदन फ्री होगा। यानी हज यात्रियों से आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अभी तक 400 रुपए प्रति यात्री आवेदन लिए जाते थे। इसके अलावा करीब 50 हजार रुपए प्रतियात्री छूट भी दी जाएगी। वहीं, हज यात्रियों को बैग, सूटकेस, छाता, चादर जैसे सामान के लिए अब पैसा नहीं देना पड़ेगा। वे अपने स्तर पर सामान खरीदकर ले जा सकेंगे।
ये स्थान तय किए
जानकारी के अनुसार ,यात्रा को आसान बनाने के लिए ये स्थान तय किए गए हैं। श्रीनगर, रांची, गया, गुवाहाटी, भोपाल, इंदौर, मंगलुरु, गोवा, औरंगाबाद, वाराणसी, जयपुर, नागपुर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि, विजयवाड़ा, अगरतला, कालीकट, अहमदाबाद। सूत्रों के अनुसार जरुरत पड़ने पर स्थलों में बढ़ोतरी की जा सकती है।
नई हज नीति के खास प्वाइंट
- बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
- 45 साल से ज्यादा की कोई महिला अब अकेले हज के लिए आवेदन कर सकेंगी।
- इस बार कुल कोटे में से एक लाख 75 हजार में से 80 फीसदी हज कमेटी को और 20 फीसदी निजी ऑपरेटरों को आवंटित होंगे।
- जिन लोगों ने हज कमेटी की ओर से पहले यात्रा कर रखी है, वे आवेदन के लिए योग्य नहीं होंगे।
- स्वास्थ्य की जांच सिर्फ सरकारी अस्पताल में करानी होगी। निजी अस्पताल के द्वारा कराई गई जांच मान्य नहीं होगी।
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