New Delhi: पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच (Farmer Protest) का आज (14 फरवरी) दूसरा दिन है। किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर से हरियाणा में घुसने की कोशिशें जारी हैं। दिल्ली बॉर्डर पर आज भी जाम की स्थिति है। किसान मजदूर मोर्चा के कोऑर्डिनेटर सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि हर हाल में दिल्ली तक जाएंगे। वहीं, हरियाणा के 7 जिलों में इंटरनेट बैन बढ़ाकर 15 फरवरी रात 12 बजे तक कर दिया गया है। यह पाबंदी अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा में लागू रहेगी।
शंभू बॉर्डर पहुंचे सबसे ज्यादा किसान
13 फरवरी को किसानों ने पंजाब से हरियाणा के लिए कूच किया था। दोपहर करीब 12 बजे किसान एकसाथ पंजाब-हरियाणा के शंभू, खनौरी और डबवाली बॉर्डर पर पहुंचे। सबसे ज्यादा किसान शंभू बॉर्डर पर पहुंचे। यहां पर किसानों के पहुंचते ही हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले बरसाने शुरू कर दिए। मशीन की रेंज कम पड़ी तो ड्रोन के जरिए आंसू गैस छोड़ी गई। किसानों ने शंभू बॉर्डर पर सड़क के बीच रखे सीमेंट के स्लैब ट्रैक्टर से हटा दिए। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने रबर की गोलियां भी चलाई। इस दौरान यहां अंबाला पुलिस के DSP समेत 5 पुलिसकर्मी और कई किसान भी घायल हो गए।
किसान नेता डल्लेवाल ने की ये अपील
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा- अब लोगों को किसानों के लिए खड़े होना चाहिए। पंजाब के सभी लोगों से अनुरोध है कि वे हर गांव से भारी संख्या में बोरियां, बाल्टियां और चश्मे लेकर खनौरी बॉर्डर पर पहुंचें, ताकि सरकारी जुल्मों का धैर्यपूर्वक मुकाबला करते हुए दिल्ली की ओर कूच किया जा सके।
ड्रोन रोकने के लिए पतंग उड़ा रहे किसान
शंभू बॉर्डर पर पुलिस की तरफ से निगरानी और आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए भेजे जा रहे ड्रोन रोकने के लिए किसानों द्वारा पतंग उड़ाई जा रही है।
किसानों पर छोड़े जा रहे आंसू गैस के गोले
किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए शंभू बॉर्डर (Farmer Protest) पर ड्रोन के जरिए आंसू गैस के गोले छोड़े जाने पर पंजाब और हरियाणा प्रशासन आमने-सामने है। पटियाला के डीसी शौकत अहमद पर्रे ने अंबाला के डीसी को लेटर लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस के ड्रोन पंजाब की सीमा के ऊपर न उड़ाए जाएं। इस बारे में डीसी ने अंबाला के SP से भी ऐतराज जताया। न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में पर्रे ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐतराज के बाद हरियाणा पुलिस ने पंजाब सीमा में ड्रोन से आंसू गैस के गोले बरसाने बंद कर दिए।
किसानों ने बचने के लिए किया काम
शंभू बॉर्डर पर किसानों ने पुलिस की तरफ से बरसाए जा रहे आंसू गैस के गोलों से निपटने के लिए खेतों में कीटनाशक दवाई छिड़कने वाली स्प्रे मशीन मंगाई है। इसके अलावा हाईवे पर बोरियों को गीला कर रखा गया है, ताकि आंसू गैस के गोलों से निकलने वाले धुएं का प्रभाव तुरंत कम किया जा सके।
कांग्रेस नेता ने भगवंत मान को सोशल मीडिया पर लिखी ये बात
पंजाब कांग्रेस के नेता नवजोत सिद्धू ने सीएम भगवंत मान को सोशल मीडिया पर लिखा- अपने क्षेत्र की रक्षा करें। पंजाब सरकार को अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करनी चाहिए और हरियाणा द्वारा हमारी धरती पर शांतिपूर्वक विरोध कर रहे पंजाबियों पर हमला और घायल करने के प्रयासों को विफल करना चाहिए। ममता बनर्जी की तरह हमें संघीय ढांचे की रक्षा करनी चाहिए। जब CBI अफसर बंगाल पहुंचे तो उन्हें अधिकारियों को जेल में डाल दिया।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ने घायल किसानों का हालचाल जाना
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह पटियाला के राजपुरा और मोहाली के अस्पतालों में भर्ती घायल किसानों का हालचाल जानने पहुंचे। मंत्री ने अस्पतालों किसानों की दी जा रही सुविधाओं का भी जायजा लिया।
हमारे बारे में गलत धारणा बनाई जा रही है- किसान नेता
सरवण सिंह पंधेर ने कहा- हमारा मकसद बैरिकेड तोड़ना नहीं है। हम तो कह रहे हैं कि या तो सरकार हमारी मांगें मान ले या संविधान के अनुसार हमें दिल्ली जाकर प्रदर्शन का अधिकार दे। हमारे बारे में गलत धारणा बनाई जा रही है। सरवण पंधेर ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयान का भी विरोध किया, जिसमें उन्होंने किसानों की मांगों की लिस्ट बढ़ने की बात कही। पंधेर ने आरोप लगाया कि ये वही मांगें हैं, जो पहले दिन भेजी गई थी। क्या अब किसान अपनी मांगों को केंद्र से पूछकर तैयार करेगा। हम पर खालिस्तान का टैग लगाने की कोशिश की जा रही है। ये गलत है। ये चौथ टैक्स किसानों पर लगाया जा रहा है। पहला कांग्रेस प्रो, फिर लेफ्ट प्रो और फिर पंजाब सरकार के समर्थन का टैग किसानों पर लगाया गया। ये गलत है। हर बार स्टेंड चेंज करना ठीक नहीं है। हमारी गलत छवि तैयार न की जाए। हमारा आंदोलन पीसफुल है और हम जीतेंगे। केंद्र सरकार हमें बदनाम करने की कोशिश करेगी। एकाध घटना को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है।
शंभू बॉर्डर पर सरवण पंधेर की प्रेस कॉन्फ्रेंस
पंजाब किसान मजदूर कमेटी के महासचिव सरवण सिंह (Farmer Protest) पंधेर ने कहा- शंभू बॉर्डर पर घायल हुए 100 के करीब किसान अस्पताल में हैं और कई घायल अस्पताल नहीं गए। दो किसान नेताओं के ऑपरेशन भी हुए हैं। खनौरी बॉर्डर पर 30 के करीब लोग घायल हुए हैं। आंसू गैस के गोले इस्तेमाल हो रहे हैं। किसानों पर भारी बल का प्रयोग किया जा रहा है। आर्मी वालों का कहना है कि जिन बमों का प्रयोग किया जा रहा है, वैसा नहीं कर सकते। रबर, प्लास्टिक की गोली के अलावा एसएलआर के खोल भी हमें मिले हैं।
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