Doda : जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के डोडा (Doda) जिले में भी अब जोशीमठ ( Joshimath) जैसा संकट आ गया हैं। डोडा जिले के एक गांव की जमीन धंस रही है जिसके चलते इमारतों में लगातार दरारें आ रही हैं। खतरे को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया हैं। परिवारों को घरों से हटाकर सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है। अब तक 19 घरों, 1 मस्जिद और 1 मदरसे को खाली कराया जा चुका हैं। निवासियों में दहशत का माहौल है।
स्थिति की जांच की
एहतियातन अन्य लोगों को भी वहां से निकाला जा रहा है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी लगातार दौरे कर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। भूगोलविदों ने भी गांव में जाकर स्थिति जांची और कहा कि क्षेत्र में जमीन धंस रही है। डोडा शहर से 35 किमी दूर किश्तवाड़-बटोटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ठाठरी इलाके के नई बस्ती गांव में मिट्टी के खिसकने की वजह से घरों की दीवारों में दरारें आई तो छतें और दीवारें गिरने लगी। अधिकारियों ने कहा कि, मिट्टी खिसकने के कारणों की जांच के लिए विशेषज्ञों को गांव भेजा गया है। डोडा के उपायुक्त विशेष महाजन ने कहा, हम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं।
19 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
अधिकारियों ने बताया कि दरार आने के बाद अब तक 19 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। गांव में एक मस्जिद और एक मदरसे को भी असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। गांव के कुछ घरों में 2 महीने पहले दरारें आनी शुरू हो गई थीं, लेकिन गुरुवार को भूस्खलन से स्थिति और खराब हो गई, जिससे क्षतिग्रस्त इमारतों की संख्या दो दर्जन तक पहुंच गई है। सूचना मिलने के बाद उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने गांव का दौरा किया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया।
DM अतहर अमीन ने कहा
डोडा के DM अतहर अमीन जरगर ने शुक्रवार को बताया कि दिसंबर में एक घर में दरारों की सूचना मिली थी। कल तक 6 इमारतों में दरारें थीं, लेकिन अब ये दरारें बढ़ रही हैं ये इलाका नीचे की तरफ जा रहा है, इसका बचना मुश्किल है। सरकार की कोशिश है कि इसे यहीं रोक दिया जाए।
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