सूबे का सियासी चढ़ता जा रहा है। दलों ने नेताओं ने जीत हासिल करने पूरी ताकत झोंक रखी है, लेकिन इसी सियासी सरगर्मी से प्रदेश भाजपा की उन नेत्रियों ने दूरी बना रखी है, जो कभी अपने बयानों से सुर्खियों में रहती थीं। समय का पहिया घूमा और ये नेत्रियां हाशिए पर आ गई। कोई तवज्जो नहीं मिलने से खफा है तो कोई टिकट कटने से नाराज। इन्होंने पार्टी और प्रत्याशी के प्रचार-प्रसार से भी दूरी बना ली है। जानिए ऐसी ही चार खास भाजपा नेत्रियों के बारे में।
सूबे का सियासी चढ़ता जा रहा है। दलों ने नेताओं ने जीत हासिल करने पूरी ताकत झोंक रखी है, लेकिन इसी सियासी सरगर्मी से प्रदेश भाजपा की उन नेत्रियों ने दूरी बना रखी है, जो कभी अपने बयानों से सुर्खियों में रहती थीं।
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