प्रधानमंत्री पद से हसीना के इस्तीफे के बाद, नई सरकार बनने तक उनकी असली परीक्षा भारत से मजबूत संबंधों को बरकरार रखने की होगी। बांग्लादेश में सत्ता का फेरबदल ठीक उस समय हुआ है, जब दोनों देश रक्षा-सैन्य संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की तैयारी कर रहे थे। इसी के चलते जनरल वकार-उज-जमान इस महीने के आखिर में भारत का दौरा भी करने वाले थे। लेकिन वहां उपजे नए हालात के बाद रक्षा संबंधों को लेकर अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि 58 वर्षीय बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमान इन्फैंट्री के अफसर रहे हैं। वे इस महीने के अंत में भारत का दौरा करने वाले थे। 23 जून को तीन साल के लिए सेना प्रमुख बनने के बाद जनरल वकार-उज-जमान की यह पहली विदेश यात्रा होती। हालांकि अब वे भारत दौरे पर आएंगे या नहीं, इस पर संशय है। सूत्रों का कहना है कि बांग्लादेश में चीन के बढ़ते प्रभाव के बावजूद, नई दिल्ली के साथ ढाका के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में कोई कमी नहीं आई थी। सूत्रों ने बताया कि दोनों देश सैन्य स्तर पर बातचीत फिलहाल जारी है, क्योंकि बांग्लादेश में अभी कोई सरकार नहीं है। वहीं, सूत्रों ने यह भी बताया कि बांग्लादेश वायु सेना जोधपुर में होने वाली भारतीय वायुसेना की तरंग शक्ति में हिस्सा लेगी। बांग्लादेश वायु सेना दूसरे चरण में हिस्सा लेगी, जो 29 अगस्त से शुरू होगा। भारतीय वायु सेना पहली बार बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास कर रही है, जिसमें लगभग 30 देश भाग ले रहे हैं, जिनमें 11 देश अपने लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा ले रहे हैं।
समुद्री जहाज निर्माण के लिए हुआ था दोनों देशों के बीच सौदा -
सूत्रों के मुताबिक एक माह पहले ही, बांग्लादेश ने कोलकाता में भारतीय रक्षा शिपयार्ड जीआरएसई के साथ 800 टन का एडवांस समुद्री जहाज के निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस सौदे के लिए नई दिल्ली ने ढाका को रक्षा खरीद के लिए 500 मिलियन डॉलर बतौर ऋण दिए थे, जिसके तहत किया गया पहला बड़ा सौदा था। ढाका के साथ यह कॉन्ट्रैक्ट नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी की चार दिवसीय बांग्लादेश यात्रा के दौरान हुआ था। यात्रा के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने रक्षा संबंधों को और मजबूत करने और समुद्री सहयोग के लिए नए रास्ते तलाशने के लिए जनरल वकार-उज-जमान के अलावा नौसेना और वायु सेना प्रमुखों एडमिरल एम नजमुल हसन और एयर मार्शल हसन महमूद खान के साथ चर्चा भी की थी।
इंडियन मिलिट्री अकादमी में बांग्लादेश के सैनिक लेते रहे हैं प्रशिक्षण -
समुद्री जहाज के ऑर्डर के अलावा बांग्लादेश भारत से गश्ती जहाजों को भी खरीदने के लिए इच्छुक था। साथ ही, अपनी वायुसेना के बेड़े में शामिल रूसी मूल के मिग-29 और एमआई-17 हेलीकॉप्टरों के रखरखाव के लिए पुर्जों की खरीदारी को लेकर बातचीत कर रहा था। वहीं इंडियन मिलिट्री अकादमी में बांग्लादेश के सैन्य कर्मी दशकों से ट्रेनिंग लेते रहे हैं। अभी भी कई सैन्य प्रतिष्ठानों में बांग्लादेशी सैन्य कर्मी ट्रेनिंग ले रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि लेकिन बांग्लादेश के बदलते हालात के चलते भारतीय सेना अब वेट एंड वॉच मोड में हैं। इस बात की समीक्षा की जा रही है कि वहां नई अंतरिम सरकार बनने के बाद द्विपक्षीय सैन्य संबंधों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
Written by-Dillep pal
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